एक कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) को भविष्य की दुनिया का “अनूठा साथी” बताते हुए कहा कि आधुनिक जीवन विज्ञान और तकनीक के बिना अधूरा है। वक्ताओं का मानना है कि एआई और वीआर न केवल शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों में क्रांति ला रहे हैं, बल्कि मानव जीवन को आसान, तेज और अधिक रचनात्मक बना रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिकों ने कहा कि विज्ञान की देन के बिना आज की दुनिया की कल्पना भी संभव नहीं। चाहे संचार हो, परिवहन, खेती या अंतरिक्ष शोध—हर क्षेत्र में तकनीक ने मानव क्षमताओं को कई गुना बढ़ाया है।
विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की कि आने वाले वर्षों में एआई और वीआर साथ मिलकर ऐसे समाधान देंगे, जिनसे सीखने और काम करने के तरीकों में अद्भुत बदलाव आएंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तकनीक को अपनाएं और वैज्ञानिक सोच को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन का आधार है—और उसके बिना भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती।


