नई दिल्ली। एआई समिट के दौरान भारत के स्पेस और टेक सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी घोषणा सामने आई है। एक निजी कंपनी ने वर्ष के अंत तक अंतरिक्ष में देश का पहला डाटा सेंटर तैयार करने का दावा करते हुए उसका वास्तविक मॉडल प्रदर्शित किया। इस परियोजना का उद्देश्य अंतरिक्ष आधारित डाटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग क्षमता विकसित करना है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस डाटा सेवाओं को नई दिशा मिल सके।
कंपनी के प्रतिनिधियों के मुताबिक, अंतरिक्ष में स्थापित डाटा सेंटर पारंपरिक सर्वर फार्म की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल और सुरक्षित होंगे। अंतरिक्ष के प्राकृतिक शीतल वातावरण का उपयोग कर ऊर्जा लागत कम करने और साइबर सुरक्षा जोखिमों को घटाने की योजना है। यह पहल भारत को उभरती हुई स्पेस-टेक और एआई इंडस्ट्री में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में ला सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है तो यह भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगी। एआई, बिग डाटा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता अहम होगी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्पेस इकोनॉमी को भी बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है।


