नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान ‘भारतजेन’ नामक नए स्वदेशी एआई मॉडल को पेश किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग खासतौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहद सावधानी और नैतिक मानकों के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई तकनीक मरीजों की पहचान, डेटा सुरक्षा और उपचार प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे, तभी इसका व्यापक लाभ समाज तक पहुंच सकेगा।
मंत्री ने बताया कि ‘भारतजेन’ मॉडल को भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिससे मेडिकल रिसर्च, रोग पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि एआई के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा प्राइवेसी, एल्गोरिदमिक बायस और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर स्पष्ट दिशानिर्देश बनाना समय की मांग है। सरकार तकनीकी प्रगति के साथ-साथ नैतिक ढांचे को मजबूत करने के लिए भी प्रतिबद्ध है, ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल सुरक्षित, प्रभावी और विश्वसनीय तरीके से हो सके।


