भारत में आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए कई प्रमुख देशों को आमंत्रित किया है, लेकिन पाकिस्तान को न्योता नहीं दिया गया। वहीं चीन और बांग्लादेश को आधिकारिक रूप से आमंत्रण भेजा गया है। इस फैसले को भारत की रणनीतिक और सुरक्षा प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना है। भारत की कोशिश है कि एआई तकनीक को जिम्मेदार, सुरक्षित और विकासोन्मुख दिशा में आगे बढ़ाया जाए। चीन और बांग्लादेश की भागीदारी को क्षेत्रीय तकनीकी सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि पाकिस्तान को आमंत्रण न देने के फैसले को मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट भारत की उभरती डिजिटल ताकत और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। एआई जैसे उभरते क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है, जिससे भारत तकनीकी नवाचार और नीति निर्माण में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है।


