अमेजन द्वारा हाल ही में बड़े पैमाने पर छंटनी करने के फैसले ने नौकरी बाजार में हलचल मचा दी है। इस दौरान कंपनी ने एआई (Artificial Intelligence) को एक कारण के रूप में सामने रखा, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या तकनीक सच में लोगों की नौकरियां छीन रही है या यह कंपनियों का बहाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई का इस्तेमाल ऑटोमेशन और दक्षता बढ़ाने के लिए तो हो रहा है, लेकिन कर्मचारियों की छंटनी में इसे उचित रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
कुछ उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां आर्थिक दबाव, प्रबंधन सुधार और कॉस्ट कटिंग के चलते कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं, और एआई को इस प्रक्रिया का बहाना बना रही हैं। जबकि एआई से निश्चित रूप से कुछ भूमिकाएं स्वतः चलने वाली और ऑटोमेटिक हो सकती हैं, यह पूरी तरह से रोजगार की समाप्ति का कारण नहीं बनता। वास्तव में, तकनीक नए प्रकार की नौकरियां और कौशल की मांग भी पैदा कर रही है।
read also: NASA: नासा का परसेवरेंस रोवर एआई से चला मंगल पर, भारतीय वैज्ञानिक का बड़ा योगदान
विशेषज्ञों की सलाह है कि कर्मचारियों को एआई और डिजिटल कौशल में प्रशिक्षण लेना चाहिए, ताकि भविष्य में तकनीकी बदलाव से प्रभावित होने से बचा जा सके। वहीं नीति निर्माताओं और कंपनियों पर भी जिम्मेदारी है कि वे कर्मचारियों के लिए समुचित परिवर्तन योजना और प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करें। इस विवाद ने साफ कर दिया है कि एआई रोजगार पर असर डाल सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह से छंटनी का कारण मानना अतिशयोक्ति होगी।


