बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री Adah Sharma ने हाल ही में बाल दिवस (Children’s Day) के अवसर पर अपनी स्कूल-यादों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे स्कूल के दिनों में वो पार्टी ड्रेस में आने की उत्सुकता रखते थे, वहीं कभी-कभी टीचर्स की यूनिफॉर्म पहनने का अनुभव भी मिल गया था — जो अब यादगार बन गया है।
स्कूल-दिनों की खुश-मिज़ाज़ यादें
Adah ने याद किया कि स्कूल में जब भी कोई स्पेशल-डे या बाल दिवस जैसा अवसर आता था, तो बच्चों में काफी उत्साह होता था:
“हम पार्टी ड्रेस में आते थे, जैसे कोई छोटा सेलिब्रिटी!”
कभी-कभी हमने टीचर्स की यूनिफॉर्म पहनने वाले रोल-प्ले भी किए — “मज़ा-मज़ा में टीचर बन जाना” जैसा अनुभव था।
उनका कहना है कि इन यादों ने उनकी शख्सियत की सहजता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया।
बॉलीवुड-स्टाइल से स्कूल तक
आज Adah Sharma फिल्मों में ग्लैमरस लुक्स में दिखती हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह हमेशा “छोटी-छोटी खुशियों” को याद करती हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा:
“मुझे नहीं पता था कि मुझे इन बड़े सपनों की अनुमति है — लेकिन आज मैं यहाँ हूँ।” The Indian Express+1
उनका मानना है कि स्कूल-दिनों की मासूमियत और रोल-प्ले ने उन्हें नाटकीयता और स्वाभाविकता दोनों सिखाई हैं।read also: कोरबा: पटवारी गोविन्द राम कंवर निलंबित, आपराधिक प्रकरण के आधार पर कलेक्टर ने की कार्रवाई
बाल दिवस का महत्व
बाल दिवस सिर्फ बच्चों का दिन नहीं है — यह हमें याद दिलाता है कि बचपन के वो खट्टे-मीठे अनुभव, वो मासूमियत, वो उत्साह आज भी हमारे भीतर हैं। Adah की बातों से यह साफ होता है कि
स्कूल-पार्टी के ट्रिम्स और बच्चों का उत्साह कितनी सहजता और खुशी देते हैं।
छोटे-छोटे खेल-रोल-प्ले भी हमारी रचनात्मकता को बढ़ाते हैं।
समय के साथ बदलती दुनिया में ये Erinnerungen (यादें) हमें grounded बनाए रखती हैं।
अभिनेत्री की आज-की शख्सियत
Adah शर्मा ने 2008 में बॉलीवुड में कदम रखा था। Wikipedia+1 अब उन्होंने फिल्मों में चुनिंदा और दमदार भूमिकाएँ निभाई हैं। उनके मुताबिक, स्कूल-युग का अनुभव उनके काम में भी कहीं-ना-कहीं झलकता है — जैसे रोल-प्ले की सहजता, धैर्य, मंच-परफॉर्मेंस का अनुभव।


