अपराजिता सम्मान कार्यक्रम में एसिड अटैक सर्वाइवर्स के साहस और संघर्ष को सलाम किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन महिलाओं ने एसिड अटैक जैसी दर्दनाक घटना के बाद भी हार नहीं मानी और अपने जीवन को नई दिशा दी, उनका साहस पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने विपरीत परिस्थितियों को मात देकर यह साबित किया है कि आत्मविश्वास और हिम्मत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में कई एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने अपनी कहानियां साझा कीं और बताया कि किस तरह उन्होंने दर्द, सामाजिक चुनौतियों और मानसिक संघर्ष के बावजूद खुद को संभाला और नई पहचान बनाई। इन महिलाओं ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कार्यों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास, उपचार और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने समाज से भी अपील की कि ऐसे पीड़ितों को सहानुभूति ही नहीं, बल्कि समान अवसर और सम्मान भी दिया जाए, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।


