देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और म्यूल अकाउंट्स पर लगाम लगाने के लिए बैंकों में जल्द ही MuleHunter AI टूल लागू करने की तैयारी की जा रही है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम संदिग्ध बैंक खातों की पहचान करने और फर्जी लेनदेन को समय रहते रोकने में मदद करेगा। वित्तीय संस्थानों और नियामक एजेंसियों का मानना है कि इस तकनीक से डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
MuleHunter AI विशेष एल्गोरिद्म और डेटा एनालिटिक्स के जरिए ऐसे खातों की पहचान करता है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के पैसों के ट्रांसफर के लिए किया जाता है। यह टूल लेनदेन के पैटर्न, असामान्य गतिविधियों, अचानक बढ़ी ट्रांजैक्शन संख्या और खातों के आपसी नेटवर्क का विश्लेषण करता है। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिससे बैंक समय रहते खाते को फ्रीज कर सकें और नुकसान को सीमित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि सभी बैंकों में MuleHunter AI लागू होने से साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल करना कठिन हो जाएगा। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे के बीच यह कदम ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


