राजस्थान के डूंगरपुर जिले से सरकार की लापरवाही का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में सोमवार को जर्जर कमरे की छत का एक हिस्सा गिर गया। हालांकि, घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, क्योंकि सुरक्षा के मद्देनजर इस कमरे को करीब एक साल से बंद रखा गया था।
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कक्षाओं से निकल कर बाहर आए छात्र
मामले की अधिक जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि हादसे के समय छात्र स्कूल के दूसरे कमरों में पढ़ाई कर रहे थे। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर छात्रों और टीचरों में अफरा-तफरी मच गई और वे तुरंत कक्षाओं से बाहर आ गए।
स्कूल में कुल 10 कमरें, 2 जर्जर अवस्था में
अधिकारी के मुताबिक, स्कूल के दो कमरों को पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। एहतियात के तौर पर उनमें कक्षाएं नहीं लगाई जा रही थीं। स्कूल में कुल 10 कमरे हैं, जिनमें से दो जर्जर अवस्था में हैं। इनमें से एक की छत का हिस्सा सोमवार को गिर गया, जबकि दूसरा कमरा भी खराब स्थिति में है।
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बड़ा हादसा होने से बचा
अधिकारी ने कहा कि असुरक्षित कमरों का इस्तेमाल बंद होने के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। स्कूल की छत का मलबा जमीन पर बिखर गया। इसमें बड़े-बड़े सीमेंट के पत्थर और ईंटें है। साथ ही लोहे की सरिया भी नीच आ गईं।



