कोरबा : कोरबा में सस्ता कपड़ा दिलाने और बेचने के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक शातिर ठग ने किराए की दुकान खोलकर, ग्राहकों और व्यापारियों को छह महीने तक विश्वास में लेने के बाद लगभग पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया और फरार हो गया। कोतवाली थाने में इस संबंध में कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पुरानी बस्ती, कोरबा में पिछले छह महीनों से रायगढ़ जिले के विजय खुशलानी, पिता जयराम दास खुशलानी, एक दुकान किराए पर लेकर कपड़ों की सेल लगा रहा था। कम दामों पर कपड़े उपलब्ध कराने के वादे के साथ, उसने धीरे-धीरे लोगों को अपने जाल में फंसाया। दुकान पर सुबह से दोपहर तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, जिससे लोगों का उस पर विश्वास बढ़ता गया।
इस विश्वास का फायदा उठाते हुए, विजय खुशलानी ने लोगों को बाहर से कम रेट पर कपड़ा लाकर देने का झांसा दिया। उसने कई ग्राहकों से एडवांस में ₹40 हजार, ₹30 हजार, ₹10 हजार और ₹5 हजार जैसी राशि ली। इस तरह, उसने 40 से अधिक लोगों से लगभग 5 लाख रुपये नकद ऐंठ लिए। जब ग्राहकों ने कपड़े या पैसे वापस मांगे, तो विजय ने फोन उठाना बंद कर दिया। एक अन्य महिला ने फोन उठाकर पीड़ितों को धमकी दी कि “तुमको जो करना है कर लो, हम थाना पुलिस से नहीं डरते।”
कर्मचारियों और व्यापारियों को भी नहीं छोड़ा
ठगी का दायरा यहीं नहीं रुका। विजय खुशलानी ने अपने सेल में काम करने के लिए 15 लड़कियों को भी रखा था, लेकिन उनका भुगतान भी नहीं किया। इसके अलावा, उसने 5 से 10 बड़े कपड़ा व्यापारियों से उधार में लाखों रुपये के कपड़े लिए, जिनका भुगतान भी उसने नहीं किया। एक व्यापारी, याकूब शेख, जिसने सीतामढ़ी मुख्य मार्ग पर अपनी दुकान से विजय को लाखों का कपड़ा उधार दिया था, उसने बताया कि विजय ने पुराना, न बिकने वाला कपड़ा बेचने के बदले पैसे देने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह फरार हो गया।
रायगढ़ में भी ठगी का रहा है इतिहास
पीड़ितों ने बताया कि विजय खुशलानी का रायगढ़ में भी ठगी का इतिहास रहा है। वहां भी उसने लगभग 40 लाख रुपये की ठगी कर फरार हुआ था, जिसके संबंध में रायगढ़ पुलिस में अपराध दर्ज है। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आगे की जांच और कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस जल्द ही ठग को पकड़ने का प्रयास करेगी।


