देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ISIS (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) की तर्ज पर काम कर रहे एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने न केवल संगठन की वर्दी पहनकर शपथ ली थी, बल्कि मॉल में धमाका करने की साजिश भी रच रहा था। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस आतंकी को धर दबोचा और एक बड़ा आतंकी हमला होने से टाल दिया।
ISIS की वर्दी में आतंकी बना ‘जिहादी’, वीडियो से खुली पोल
पुलिस को आतंकी के पास से एक वीडियो मिला है, जिसमें वह ISIS की वर्दी पहने हुए “जिहाद” की शपथ ले रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने की तैयारी में था ताकि अन्य युवाओं को भी आतंकी गतिविधियों में शामिल किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, यह युवक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ISIS के प्रचार से प्रभावित हुआ और धीरे-धीरे कट्टरपंथ की राह पर चला गया। उसने इंटरनेट पर कई आतंकी वीडियो देखे और उसी के अंदाज में खुद का वीडियो शूट किया।
मॉल में धमाके की थी साजिश, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकी का प्लान किसी बड़े शॉपिंग मॉल में धमाका करने का था। इसके लिए उसने कुछ विस्फोटक सामग्री और टाइमर डिवाइस जुटाने की कोशिश की थी। जांच एजेंसियों ने उसके मोबाइल और लैपटॉप से कई आपत्तिजनक चैट्स, फोटो और वीडियो बरामद किए हैं, जिनसे यह साफ हो गया है कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह कुछ दिनों से शहर के एक मॉल की रैकी कर रहा था और वहीं से अपने “मिशन” को शुरू करने की योजना बना रहा था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता ने उसकी योजना को नाकाम कर दिया।
कहां से आया आतंकी और कैसे हुआ ब्रेनवॉश
गिरफ्तार आतंकी की पहचान उत्तर भारत के एक छोटे शहर के रहने वाले युवक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से बेरोजगार था और इंटरनेट पर चरमपंथी विचारधाराओं से जुड़ गया था। ऑनलाइन ग्रुप्स में शामिल होकर वह विदेशी आतंकी संगठनों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे उनकी विचारधारा से प्रभावित होकर खुद को “जिहाद के लिए तैयार” करने लगा। उसके पास से मिली डिजिटल डिवाइस और डॉक्यूमेंट्स से यह भी पता चला है कि वह भारत में मौजूद ISIS समर्थकों से ऑनलाइन संपर्क में था। एजेंसियों का मानना है कि उसे “लोन वुल्फ अटैक” (एकल हमलावर हमला) के लिए तैयार किया जा रहा था।
NIA और ATS की संयुक्त टीम ने शुरू की जांच
इस गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य की एंटी-टेरर स्क्वाड (ATS) ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस के मुताबिक, उससे पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
यह मामला दिखाता है कि आतंकी संगठन अब डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी से एक बार फिर देश एक बड़े हादसे से बच गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।


