कोरबा जिले के हरदीबाजार गांव के भू-अधिग्रहण से जुड़ी मांगों को लेकर बुधवार को तहसील कार्यालय में SECL प्रबंधन, जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता रखी गई थी। लेकिन ग्रामवासियों ने बैठक का सर्वसम्मति से बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी पूर्व की मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक कोई वार्ता स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक का समय दोपहर 12 बजे तय था, लेकिन ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय गेट पर नारेबाजी करते हुए बैठक को निरस्त कर दिया।
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बैठक में एसडीएम पाली, अपर कलेक्टर और SECL दीपका प्रबंधक मौजूद थे। इस दौरान पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, सरपंच लोकेश्वर कंवर, विधायक प्रतिनिधि नरेश टंडन सहित अजय दुबे, अनिल टंडन, विजय जायसवाल, श्याम जायसवाल, रामशरण कंवर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कहा कि ग्रामीण और भू-अधिग्रहित परिवार लंबे समय से बसाहट, नौकरी और मुआवजा जैसी बुनियादी मांगों को प्रशासन और SECL प्रबंधन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। इसलिए ग्रामीणों ने तय किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक बैठक नहीं होगी।
सरपंच लोकेश्वर कंवर ने कहा कि SECL प्रबंधन ने वार्ता तो बुलाई, लेकिन अब तक सर्वे सूची जारी नहीं की गई और न ही विस्थापन व रोजगार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कारण आज सभी ग्रामीण एकजुट होकर वार्ता से अलग हो गए। वहीं, विधायक प्रतिनिधि नरेश टंडन ने बताया कि ग्रामीण पहले ही प्रशासन को अवगत करा चुके थे कि बिना मांग पूरी किए बैठक नहीं होगी, फिर भी बैठक रखी गई, जिसे ग्रामीणों ने ठुकरा दिया।
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बैठक के लिए तहसील कार्यालय पर SECL प्रबंधन ने टेंट-कुर्सियां लगवाई थीं। यहां बाहरी लोग भी मौजूद रहे। इस बीच मालगांव के कुछ ग्रामीण मंच पर बैठ गए और अपने अधूरे मुआवजे को लेकर विरोध जताया, लेकिन हरदीबाजार के ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह बैठक उनकी नहीं है और शामिल होने से इंकार कर दिया।


