अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आधी रात अचानक हुए तेज़ धमाकों ने पूरे शहर में दहशत फैला दी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये धमाके पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक के बाद हुए हैं।
इस घटना के समय अफगान प्रतिनिधि दल भारत दौरे पर है, जिससे इस घटनाक्रम के राजनयिक मायने और भी बढ़ गए हैं।
काबुल में देर रात धमाकों से दहशत
रात करीब 12:30 बजे काबुल के कई इलाकों में धमाकों की आवाज़ सुनाई दी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आसमान में लड़ाकू विमान जैसे आवाज़ें सुनी गईं और उसके कुछ देर बाद तेज़ विस्फोट हुए।
धमाकों के बाद अफगान सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और आपात सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।
पाकिस्तान की कथित एयरस्ट्राइक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने यह कार्रवाई अफगानिस्तान के अंदर मौजूद तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर की है।
हालांकि अब तक पाकिस्तान की ओर से इस ऑपरेशन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कुछ सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी आतंकी गतिविधियों के जवाब में की गई।
भारत दौरे पर अफगान प्रतिनिधि
इस बीच, अफगान प्रतिनिधि मंडल भारत के दौरे पर है, जहाँ वे द्विपक्षीय संबंधों और मानवीय सहायता पर बातचीत कर रहे हैं।
काबुल में हुए धमाकों के बाद अब इस दौरे का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है।
कूटनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह एयरस्ट्राइक क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस घटना पर चिंता जताई है।
यूएन के प्रवक्ता ने कहा है कि “किसी भी देश की सैन्य कार्रवाई नागरिकों के जीवन को खतरे में डालती है, इसलिए संयम और बातचीत ही एकमात्र समाधान है।”
विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर था।
अब यह घटना दोनों देशों के रिश्तों में नई खाई पैदा कर सकती है।
भारत के लिए यह स्थिति संवेदनशील है, क्योंकि वह अफगानिस्तान में स्थिरता और मानवीय सहायता का समर्थक रहा है





