30 साल बाद pregnancy मुश्किल क्यों? महिला विशेषज्ञ ने बताई असली वजह और IVF सच
आजकल कई महिलाएं करियर या पर्सनल गोल्स की वजह से 30 साल के बाद ही pregnancy प्लान करती हैं। लेकिन गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. महिमा के मुताबिक, इस उम्र में महिलाओं को फर्टिलिटी से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आखिर ऐसा क्यों होता है, आइए जानते हैं।
उम्र के साथ घटती है फर्टिलिटी
डॉ. महिमा बताती हैं कि महिला की फर्टिलिटी का सफर जन्म से ही शुरू हो जाता है। मां के गर्भ में रहते समय लड़की की ओवरीज में लाखों अंडे होते हैं। जन्म के समय यह संख्या घटकर लगभग 1–2 मिलियन रह जाती है और प्यूबर्टी तक पहुंचने पर सिर्फ 50–60 हजार अंडे बचते हैं। उम्र बढ़ने के साथ अंडों की संख्या और क्वालिटी लगातार कम होती जाती है, जिससे 30 के बाद गर्भधारण की संभावना घट जाती है।
हार्मोनल समस्याएं बनती हैं बाधा
अगर महिला को पीसीओडी, पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस या पीरियड्स से जुड़ी असामान्यताएं हैं, तो प्रेग्नेंसी और भी मुश्किल हो सकती है। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
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IVF के सच पर डॉक्टर की राय
डॉ. महिमा ने बताया कि IVF (टेस्ट ट्यूब बेबी) तकनीक हर महिला के लिए अलग तरह से काम करती है। कुछ महिलाओं में ज्यादा अंडे बनते हैं, जबकि कुछ में कम। इसलिए हर IVF साइकल की सफलता अलग होती है। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी डॉक्टर IVF के लिए गारंटी नहीं दे सकता। तीन या चार साइकल में प्रेग्नेंसी का दावा करना सिर्फ एक स्कैम है।
निष्कर्ष:
30 साल के बाद pregnancy प्लान करने में चुनौतियां जरूर बढ़ जाती हैं, लेकिन सही समय पर मेडिकल गाइडेंस, हेल्दी लाइफस्टाइल और जरूरी ट्रीटमेंट से मां बनने का सपना पूरा किया जा सकता है।
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