Sakti News: पेंशनधारियों के लिए बड़ी राहत! अब घर बैठे जमा होगा जीवन प्रमाण-पत्र, डिजिटल अभियान 5.0 शुरू
सक्ती। पेंशन प्राप्त करने के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया अब पहले से आसान होने जा रही है। सक्ती जिले के पेंशनधारियों को अब इस जरूरी काम के लिए बैंक शाखाओं या अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक की मदद से घर बैठे मोबाइल फोन या कंप्यूटर के जरिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इस पहल का सबसे अधिक लाभ बुजुर्ग पेंशनधारियों, बीमार व्यक्तियों और ऐसे लोगों को मिल सकता है, जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है। डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से पेंशन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण औपचारिकता को घर से ही पूरा करना संभव होगा।
चेहरे की पहचान से बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र
डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को प्रमुखता दी गई है। इस तकनीक के माध्यम से पेंशनधारी अपने मोबाइल या कंप्यूटर का उपयोग करके डिजिटल रूप में जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे।
पहले कई पेंशनधारियों को जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए बैंक या संबंधित केंद्र तक जाना पड़ता था। विशेषकर अधिक उम्र के लोगों के लिए यह प्रक्रिया समय लेने वाली और शारीरिक रूप से कठिन हो सकती थी।
नई सुविधा का उद्देश्य इस परेशानी को कम करना और पेंशन से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
बैंक और पेंशनर संघों के साथ मिलकर चलेगा अभियान
जिले में इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सब-नोडल अधिकारी (Sub-Nodal Officer) नामांकित किया गया है। संबंधित अधिकारियों को जिले की सभी बैंक शाखाओं और अधिकृत पेंशनर संघों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पेंशनधारियों तक डिजिटल सुविधा की जानकारी पहुंचाना और उन्हें इसका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। अभियान के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
बुजुर्गों को सबसे ज्यादा मिलेगी सुविधा
जीवन प्रमाण-पत्र पेंशन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से पेंशनधारी के जीवित होने की पुष्टि की जाती है, ताकि पात्र व्यक्ति को पेंशन का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे।
लेकिन जिन बुजुर्गों की उम्र अधिक है या जो किसी बीमारी के कारण घर से बाहर नहीं निकल सकते, उनके लिए हर बार प्रमाण-पत्र जमा करना चुनौती बन सकता है।
फेस ऑथेंटिकेशन आधारित डिजिटल व्यवस्था इस समस्या का व्यावहारिक समाधान बन सकती है। इससे यात्रा का खर्च, समय और बैंक में इंतजार करने की परेशानी कम होने की संभावना है।
डिजिटल सुविधा लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
पेंशनधारियों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- मोबाइल या कंप्यूटर में आवश्यक तकनीकी सुविधा उपलब्ध रखें।
- फेस ऑथेंटिकेशन के लिए पर्याप्त रोशनी में चेहरे की पहचान कराएं।
- निर्धारित डिजिटल प्रक्रिया के अनुसार सभी जरूरी चरण पूरे करें।
- प्रमाण-पत्र जमा होने के बाद उसकी स्थिति की पुष्टि जरूर करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग ओटीपी, पासवर्ड या गोपनीय जानकारी साझा न करें।
जिन पेंशनधारियों को मोबाइल ऐप या डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, वे अपने बैंक अथवा अधिकृत पेंशनर संघ से सहायता ले सकते हैं।
डिजिटल पेंशन व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रिया होगी आसान?
डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान केवल ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य पेंशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना भी है।
यदि अधिक संख्या में पेंशनधारी इस तकनीक को अपनाते हैं, तो बैंकों में अनावश्यक भीड़ कम हो सकती है और प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकता है।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता, स्मार्टफोन चलाने की जानकारी और तकनीकी समस्याएं इस अभियान की सफलता को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए बैंक शाखाओं और पेंशनर संघों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
जिला प्रशासन ने सक्ती के सभी पेंशनधारियों से डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। यह पहल खासतौर पर उन बुजुर्गों के लिए राहत देने वाली साबित हो सकती है, जिनके लिए पेंशन से जुड़ा एक छोटा सा काम भी कई बार बड़ी परेशानी बन जाता है।



