IND vs NZ: बारिश के बीच भारत की रोमांचक जीत! DLS ने बचाई लाज, 2-0 से आगे हुई टीम इंडिया
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में टीम इंडिया ने जीत तो हासिल कर ली, लेकिन 135 रनों का छोटा लक्ष्य भी भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। वेलिंगटन में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने 26 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 113 रन बनाए थे। जीत से अभी 22 रन दूर खड़ी टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं, तभी बारिश ने मैच रोक दिया। इसके बाद डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के आधार पर भारत को 4 रन से विजेता घोषित कर दिया गया।
यह मुकाबला भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन और बल्लेबाजों की संघर्षपूर्ण पारी के बीच सिमट गया। जीत के बावजूद टीम इंडिया के लिए यह मैच कुछ ऐसे सवाल छोड़ गया, जिन पर अगले मुकाबले से पहले ध्यान देना जरूरी होगा।
गुरनूर बराड़ की घातक गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को किया बेबस
मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। बारिश के कारण पहले ही मैच को घटाकर 47-47 ओवर का कर दिया गया था। इसके बाद न्यूजीलैंड की पारी 41 ओवर में महज 134 रनों पर समाप्त हो गई।
भारत के लिए गुरनूर बराड़ सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे। उन्होंने 30 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड के मध्यक्रम को संभलने का मौका नहीं दिया।
आकिब नबी, अंशुल कंबोज और अक्षर पटेल ने भी दो-दो विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दी।
न्यूजीलैंड की ओर से डेरिल मिचेल ने सबसे ज्यादा 55 रन बनाए। उन्होंने 104 गेंदों का सामना करते हुए अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी 38 गेंदों पर 31 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे।
135 रन का लक्ष्य भी बना भारत के लिए मुश्किल
भारतीय टीम को उम्मीद थी कि छोटा लक्ष्य होने के कारण मुकाबला आसानी से जीत लिया जाएगा, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया।
शुभमन गिल बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि विराट कोहली केवल 7 रन बना सके। रोहित शर्मा ने 23 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए।
इसके बाद श्रेयस अय्यर ने 30 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की। केएल राहुल ने 26 रन बनाकर एक छोर थामे रखा। हालांकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण भारतीय टीम दबाव में आ गई।
न्यूजीलैंड के लिए काइल जैमीसन और जैकब डफी ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को मुश्किल में डाल दिया।
बारिश ने बदला मैच का नतीजा, ऐसे मिली भारत को जीत
जब भारतीय टीम 26 ओवर में 113 रन बनाकर 7 विकेट गंवा चुकी थी, तब बारिश शुरू हो गई। उस समय केएल राहुल 26 रन पर नाबाद थे और आकिब नबी उनका साथ दे रहे थे।
भारत को जीत के लिए अभी 22 रन बनाने थे और 21 ओवर शेष थे। लेकिन लगातार बारिश के कारण दोबारा खेल शुरू नहीं हो सका।
इस स्थिति में DLS नियम लागू किया गया। इस नियम के तहत लक्ष्य का आकलन केवल बनाए गए रनों से नहीं, बल्कि बचे हुए ओवरों और उपलब्ध विकेटों जैसे कारकों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
बारिश के समय भारत का स्कोर DLS के निर्धारित पार स्कोर से 4 रन आगे था। इसलिए मैच आगे नहीं बढ़ पाने के बाद भारत को 4 रन से विजेता घोषित कर दिया गया।
जीत मिली, लेकिन बल्लेबाजी ने बढ़ाई चिंता
भारत के लिए इस मुकाबले का सबसे सकारात्मक पहलू गेंदबाजी रही। गुरनूर बराड़ ने जिस तरह प्रदर्शन किया, उससे टीम को एक प्रभावशाली युवा तेज गेंदबाज का विकल्प मिला है।
लेकिन बल्लेबाजी की तस्वीर अलग रही। 135 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शीर्ष क्रम का जल्दी बिखरना चिंता का विषय है। वनडे क्रिकेट में छोटी लक्ष्य संख्या भी मुश्किल बन सकती है, खासकर तब जब पिच पर तेज गेंदबाजों को उछाल और स्विंग मिल रही हो।
ऐसे मुकाबलों में बल्लेबाजों को केवल आक्रामक शॉट खेलने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार पारी बनानी होती है। विकेट बचाकर खेलना और साझेदारियां तैयार करना भारतीय टीम के लिए अहम सबक हो सकता है।
सीरीज में भारत की 2-0 की बढ़त, अब न्यूजीलैंड पर दबाव
इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। हालांकि अभी सीरीज के तीन मुकाबले बाकी हैं, इसलिए भारतीय टीम को अपनी बढ़त मजबूत करने के साथ बल्लेबाजी की कमजोरियों को भी दूर करना होगा।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के लिए यह हार निराशाजनक जरूर है। मेजबान टीम ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया और भारत को लक्ष्य हासिल करने से रोकने के करीब पहुंच गई थी, लेकिन बारिश और DLS गणना ने मुकाबले का अंतिम परिणाम बदल दिया।
India New Zealand 2nd ODI का नतीजा भारतीय टीम के पक्ष में जरूर रहा, लेकिन यह जीत गेंदबाजों के दम पर मिली और बल्लेबाजों के लिए चेतावनी भी बन गई। आने वाले मुकाबलों में टीम इंडिया की असली परीक्षा यही होगी कि वह गेंदबाजी के इस प्रदर्शन को बल्लेबाजी में भी निरंतरता के साथ दोहरा पाए।




