PM Kisan 24th Installment: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! 30 अक्टूबर को खातों में आएगी सम्मान निधि
सारंगढ़–बिलाईगढ़। खेती की लागत, खाद-बीज का खर्च और मौसमी अनिश्चितताओं के बीच किसानों के लिए सरकारी आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का अंतरण 30 अक्टूबर 2026 को किया जाना निर्धारित है। इस किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के 72,874 पात्र किसानों को लाभ मिलने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है।
इस राशि का हस्तांतरण सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा। हालांकि, प्रत्येक किसान को भुगतान मिलने की पुष्टि उसके पात्रता रिकॉर्ड और जरूरी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
तीन विकासखंडों के किसानों को मिलेगा लाभ
जिले में जारी लाभार्थी आंकड़ों के अनुसार, बरमकेला, सारंगढ़ और बिलाईगढ़ विकासखंड के किसान इस किस्त के दायरे में शामिल हैं।
- बरमकेला: 18,167 किसान
- सारंगढ़: 24,706 किसान
- बिलाईगढ़: 30,001 किसान
ये आंकड़े बताते हैं कि जिले के तीनों विकासखंडों में बड़ी संख्या में किसान योजना से जुड़े हुए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ऐसी सहायता का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि खेती से होने वाली आमदनी कई बार मौसम, बाजार भाव और उत्पादन की अनिश्चितताओं से प्रभावित होती है।
किस्त आने से पहले इन दो प्रक्रियाओं पर दें ध्यान
किसानों के लिए केवल किस्त जारी होने की तारीख जानना पर्याप्त नहीं है। बैंक खाते में राशि पहुंचने के लिए जरूरी रिकॉर्ड और सत्यापन प्रक्रियाओं का सही होना भी महत्वपूर्ण है। कृषि विभाग ने किसानों से ई-केवाईसी और आधार सीडिंग जल्द पूरी करने की अपील की है।
ई-केवाईसी: इससे लाभार्थी की पहचान और योजना से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जाता है।
आधार सीडिंग: बैंक खाते से आधार संबंधी जानकारी जुड़ी होने की स्थिति भुगतान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकती है।
यदि किसी किसान को भुगतान नहीं मिलता, तो उसे अपनी पात्रता, ई-केवाईसी, बैंक खाते और आधार संबंधी रिकॉर्ड की स्थिति की जांच करनी चाहिए। केवल किस्त जारी होने की घोषणा से हर लाभार्थी के खाते में उसी समय राशि पहुंचना सुनिश्चित नहीं होता।
पीएम किसान उत्सव दिवस पर होंगे कार्यक्रम
30 अक्टूबर को किस्त अंतरण के अवसर पर पीएम किसान उत्सव दिवस मनाया जाएगा। जिले में कृषि विज्ञान केंद्र के स्तर पर और विकासखंडों में संबंधित कार्यालयों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों तथा पंचायत मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
इन कार्यक्रमों में किसानों को योजना की पात्रता, ई-केवाईसी और आधार सीडिंग सहित आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रमों का वेबकास्ट भी किया जाएगा, ताकि इंटरनेट की सुविधा वाले मोबाइल, लैपटॉप या अन्य उपकरणों से किसान प्रधानमंत्री के संबोधन और कृषि से जुड़े संदेश देख-सुन सकें।
किसानों के लिए इस सहायता का क्या महत्व है?
कृषि में छोटे-छोटे खर्च भी पूरे सीजन के बजट पर असर डाल सकते हैं। समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों को खेती से जुड़ी कुछ जरूरी जरूरतों का प्रबंधन करने में मदद कर सकती है। फिर भी इस राशि को खेती की पूरी लागत का विकल्प नहीं माना जा सकता। उत्पादन लागत, सिंचाई, मौसम और बाजार की स्थिति किसानों की आर्थिक स्थिति तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
इसी वजह से योजना का लाभ समय पर पाने के लिए दस्तावेजों की शुद्धता और भुगतान की स्थिति की जांच जरूरी है। किसानों को किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी या ओटीपी साझा करने से भी बचना चाहिए।
30 अक्टूबर को क्या करें किसान?
किसान अपनी ई-केवाईसी और आधार सीडिंग की स्थिति पहले ही जांच लें। किस्त जारी होने के बाद बैंक खाते या संबंधित भुगतान रिकॉर्ड की जांच करें। यदि राशि नहीं आती, तो अपने क्षेत्र के कृषि विभाग या संबंधित सहायता केंद्र से संपर्क करके कारण पता करें।
सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के 72,874 किसानों के लिए यह किस्त महत्वपूर्ण है, लेकिन लाभ पाने के लिए योजना की शर्तों और सत्यापन प्रक्रिया का पूरा होना भी उतना ही जरूरी है।




