Home Tips: बालकनी में कबूतरों का आतंक! बिना जाली लगाए अपनाएं ये असरदार उपाय
बालकनी में सुबह-सुबह कबूतरों की गुटरगूं सुनना कई लोगों को अच्छा लगता है, लेकिन जब यही पक्षी रोजाना वहां डेरा जमाने लगें, तो परेशानी बढ़ने लगती है। रेलिंग पर बीट, फर्श पर पंख और तिनके, एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट पर बैठने की आदत और घोंसला बनाने की कोशिश घर की साफ-सफाई को मुश्किल बना सकती है।
ऐसी स्थिति में पूरी बालकनी को जाली से ढकना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। कुछ व्यावहारिक बदलावों से कबूतरों को वहां बार-बार आने से हतोत्साहित किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि उपाय ऐसे हों, जिनसे पक्षियों को चोट न पहुंचे और घर की सुरक्षा भी बनी रहे।
1. सबसे पहले हटाएं खाने का आकर्षण
कबूतर किसी जगह पर बार-बार लौटते हैं, तो वहां भोजन की उपलब्धता एक बड़ी वजह हो सकती है। बालकनी में रखा पालतू जानवरों का खाना, खुले कूड़ेदान, ब्रेड के टुकड़े या गिरा हुआ दाना उन्हें दोबारा आने के लिए आकर्षित कर सकता है।
इस आदत को बदलने के लिए:
- खाने और पालतू जानवरों के भोजन को खुले में न छोड़ें।
- बालकनी में गिरे दाने और खाने के टुकड़े तुरंत साफ करें।
- कूड़ेदान को ढक्कन लगाकर रखें।
- यदि आप बालकनी में पक्षियों को दाना डालते हैं, तो कबूतरों की आवाजाही कम करने के उद्देश्य से इस व्यवस्था पर दोबारा विचार करें।
भोजन का स्रोत हटाने से कबूतरों को उस जगह बार-बार आने का प्रोत्साहन कम हो सकता है। हालांकि, इसका असर धीरे-धीरे दिख सकता है।
2. रेलिंग और AC यूनिट पर बैठने की जगह बदलें
कबूतर सपाट रेलिंग, खिड़की के किनारों और एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट के ऊपर बैठना पसंद कर सकते हैं। इन जगहों को उनके लिए कम अनुकूल बनाना उपयोगी उपाय हो सकता है।
रेलिंग पर सुरक्षित, बिना नुकीले किनारों वाली एंटी-पर्च स्ट्रिप्स या ढलान वाले कवर लगाए जा सकते हैं। इनका उद्देश्य पक्षियों को चोट पहुंचाना नहीं, बल्कि बैठने के लिए उपलब्ध जगह कम करना है।
एसी यूनिट के मामले में विशेष सावधानी रखें। किसी भी कवर या उपकरण को इस तरह न लगाएं कि हवा का प्रवाह रुक जाए, गर्मी बाहर निकलने में परेशानी हो या सर्विसिंग प्रभावित हो। यूनिट के वेंट, पंखे और बिजली के हिस्सों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। जरूरत पड़ने पर तकनीशियन की सलाह लें।
3. चमकने वाली चीजें आजमाएं, लेकिन उन पर निर्भर न रहें
रिफ्लेक्टिव टेप, हवा में घूमने वाले विंड स्पिनर या सुरक्षित तरीके से लटकाए गए चमकदार रिबन कबूतरों को कुछ समय के लिए असहज कर सकते हैं। हवा के साथ इनकी गति और रोशनी का बदलना पक्षियों के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, हर जगह इनका असर समान नहीं होता। कबूतर धीरे-धीरे इन चीजों के अभ्यस्त भी हो सकते हैं। इसलिए इन्हें भोजन के स्रोत हटाने और बैठने की जगह कम करने जैसे उपायों के साथ इस्तेमाल करना बेहतर है।
इन वस्तुओं को इस तरह लगाएं कि वे तेज हवा में टूटकर नीचे न गिरें, राहगीरों को नुकसान न पहुंचाएं और बिजली के तारों से न टकराएं।
4. बालकनी को घोंसला बनाने के लिए अनुकूल न बनने दें
पुराने गत्ते के डिब्बे, बेकार फर्नीचर, सामान के पीछे बने खाली कोने और लंबे समय से साफ न किए गए हिस्से कबूतरों को घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह दे सकते हैं।
बालकनी को व्यवस्थित रखने से ऐसे छिपे हुए कोने कम किए जा सकते हैं। नियमित रूप से देखें कि किसी कोने में तिनके या अन्य घोंसला सामग्री तो जमा नहीं हो रही है। सामान को दीवार से सटाकर अव्यवस्थित ढंग से रखने के बजाय साफ-सुथरी व्यवस्था बनाएं।
यदि घोंसले में अंडे या बच्चे मौजूद हों, तो उसे खुद हटाने या पक्षियों को परेशान करने से बचें। स्थानीय वन्यजीव नियमों की जानकारी लें और जरूरत पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञ या स्थानीय प्राधिकरण से सलाह लें।
5. कबूतरों की बीट साफ करते समय रखें सावधानी
कबूतरों की बीट सिर्फ देखने में गंदी नहीं लगती; सूखने के बाद इसकी धूल भी सफाई के दौरान हवा में फैल सकती है। इसलिए सफाई करते समय इसे झाड़ू से जोर-जोर से उड़ाने या सूखी बीट को खुरचने से बचें।
सुरक्षित सफाई के लिए ये सावधानियां अपनाएं:
- दस्ताने पहनें और बच्चों तथा पालतू जानवरों को सफाई वाली जगह से दूर रखें।
- बीट को उपयुक्त सफाई घोल से हल्का गीला करें, ताकि धूल कम उड़े।
- गीली गंदगी को सावधानी से हटाएं और सतह को साफ करें।
- सफाई के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
- यदि बीट बहुत अधिक जमा है, खासकर एसी यूनिट या संकरी जगह पर, तो प्रशिक्षित सफाईकर्मी की मदद लें।
यदि किसी व्यक्ति को सांस संबंधी समस्या या रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की स्थिति है, तो भारी मात्रा में जमा बीट की सफाई स्वयं करने के बजाय पेशेवर मदद लेना अधिक सुरक्षित हो सकता है।
6. एक उपाय नहीं, लगातार अपनाई गई आदतें काम आएंगी
कबूतरों को बालकनी से दूर रखने में सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग एक बार कोई उपाय लगाकर तुरंत परिणाम की उम्मीद करने लगते हैं। यदि भोजन मिलता रहे, बैठने की जगह उपलब्ध हो और घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित कोने बने रहें, तो पक्षी लौट सकते हैं।
बेहतर तरीका यह है कि पहले भोजन और कचरे के स्रोत हटाएं, फिर रेलिंग तथा अन्य उपयुक्त जगहों पर सुरक्षित रोकथाम के उपाय अपनाएं और सफाई नियमित रखें। कुछ समय तक पक्षियों की आवाजाही पर नजर रखें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें।
क्या कबूतरों को भगाने के लिए नुकसान पहुंचाना जरूरी है?
नहीं। पक्षियों को चोट पहुंचाने वाले नुकीले उपकरण, चिपचिपे पदार्थ, जहरीले रसायन या ऐसे जाल इस्तेमाल नहीं करने चाहिए जिनमें वे फंस सकते हों। ये तरीके पक्षियों के लिए खतरनाक होने के साथ घर के अन्य जानवरों और लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं।
यदि बालकनी में कबूतरों की संख्या बहुत अधिक है या वे एसी और वेंटिलेशन वाले हिस्सों में लगातार घोंसला बना रहे हैं, तो सुरक्षित और मानवीय रोकथाम के लिए विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर विकल्प है।
निष्कर्ष
बालकनी को साफ रखने और कबूतरों की लगातार आवाजाही कम करने के लिए महंगी जाली लगाना हर स्थिति में जरूरी नहीं है। खाने की चीजें हटाना, बैठने की जगह को सुरक्षित तरीके से कम करना, कबाड़ हटाना और नियमित सफाई जैसे कदम मददगार हो सकते हैं। इन उपायों को लगातार अपनाने से बालकनी कबूतरों के लिए कम आकर्षक बन सकती है, जबकि पक्षियों को नुकसान पहुंचाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।




