Durg Crime: नौकरी का झांसा देकर ₹99 हजार की ठगी का सनसनीखेज मामला, महिला से मारपीट के आरोप में आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। काम दिलाने का भरोसा, बड़े लोगों से पहचान होने का दावा और बेहतर भविष्य की उम्मीद—इन्हीं बातों के बीच एक महिला से 99 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में महिला की शिकायत पर पुलिस ने शुभम सराहुकी को गिरफ्तार किया है। महिला ने आरोपी पर पैसे लेने के साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं।
यह मामला केवल पैसों के लेन-देन तक सीमित नहीं है। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को प्रभावशाली संपर्कों और नौकरी दिलाने के वादों के जरिए अपने जाल में फंसाने की आशंका भी ऐसे मामलों को गंभीर बनाती है।
Durg News: नकद और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से दिए 99 हजार रुपये
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, महिला ने आरोपी को काम दिलाने के भरोसे पर कुल 99 हजार रुपये दिए थे। इसमें 80 हजार रुपये नकद और 19 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने बड़े लोगों से पहचान और ऊंची पहुंच होने की बात कहकर उसे काम दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
महिला ने 17 अक्टूबर को मोहन नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के बाद पुलिस ने शुभम सराहुकी (30), निवासी सेक्टर-7, भिलाई नगर, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
फिलहाल, महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है। आरोपी के खिलाफ आरोपों को न्यायालय में साबित किया जाना बाकी है।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
रोजगार की जरूरत का फायदा उठाकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले मामलों से बचने के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं। किसी व्यक्ति के बड़े अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा अपने आप में नौकरी की गारंटी नहीं है।
नौकरी दिलाने के बदले पैसे मांगने वाले व्यक्ति से नियुक्ति प्रक्रिया, कंपनी की जानकारी और भुगतान के उद्देश्य से जुड़े दस्तावेज जरूर मांगें। बिना सत्यापन के बड़ी रकम नकद देने से बचें और किसी भी भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। यदि कोई व्यक्ति धमकी देता है या दबाव बनाता है, तो उसकी शिकायत पुलिस से करें।
इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित रूप से ली गई रकम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और घटना से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।




