Kitchen Hacks: पतली दाल से छुटकारा! सिर्फ 30 सेकंड में गाढ़ी करें दाल, बिना कोई नई सामग्री मिलाए
दाल भारतीय रसोई का ऐसा हिस्सा है, जो लगभग हर दिन खाने की थाली में नजर आता है। लेकिन कभी-कभी स्वाद अच्छी होने के बावजूद दाल में पानी ज्यादा रह जाता है और उसकी पूरी बनावट बिगड़ जाती है। खासकर प्रेशर कुकर में दाल बनाते समय पानी का सही अंदाजा लगाना आसान नहीं होता। ऐसे में परेशान होकर दाल को दोबारा पकाने या उसमें बेसन जैसी कोई दूसरी चीज मिलाने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान किचन ट्रिक्स से उसकी कंसिस्टेंसी सुधारी जा सकती है।
सबसे अच्छी बात यह है कि दाल को गाढ़ा करने के लिए अक्सर उसी में मौजूद प्राकृतिक स्टार्च काफी होता है। सही तरीके से उसे मैश करना और थोड़ी देर पकाना दाल को बेहतर बनावट दे सकता है।
दाल पतली होने पर सबसे पहले क्या करें?
अगर दाल पक चुकी है, लेकिन उसमें पानी ज्यादा नजर आ रहा है, तो सबसे पहले एक कलछी या चम्मच के पिछले हिस्से से दाल के कुछ दानों को बर्तन में ही अच्छी तरह दबा दें। इससे दाल का गूदा और स्टार्च पानी में मिल जाता है, जिससे ग्रेवी अधिक एकसार और गाढ़ी लगने लगती है।
इसके बाद दाल को मध्यम आंच पर थोड़ी देर उबालें और बीच-बीच में चलाते रहें। हल्की मात्रा में अतिरिक्त पानी होने पर यह तरीका जल्दी असर दिखा सकता है। हालांकि, दाल बहुत ज्यादा पतली हो तो केवल 30 सेकंड में मनचाही गाढ़ी बनावट मिलना जरूरी नहीं है।
ध्यान रखें: दाल को मैश करने के बाद लगातार चलाना जरूरी है, ताकि वह बर्तन के तले में चिपके नहीं।
ज्यादा पानी हो गया है? बिना ढक्कन पकाने का तरीका अपनाएं
अगर दाल में पानी जरूरत से काफी ज्यादा हो गया है, तो उसे कुछ मिनट तक बिना ढके धीमी या मध्यम आंच पर पकाएं। इससे अतिरिक्त पानी भाप बनकर निकल जाएगा और दाल धीरे-धीरे गाढ़ी होने लगेगी।
इस तरीके को अपनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- दाल को हर थोड़ी देर में चलाएं, ताकि तले में चिपकने से बची रहे।
- आंच बहुत तेज न रखें, क्योंकि इससे दाल नीचे लग सकती है।
- दाल पहले से अच्छी तरह गल चुकी है, तो उसे जरूरत से ज्यादा देर तक न पकाएं।
- नमक और मसालों का स्वाद पकने के बाद दोबारा जांच लें, क्योंकि पानी कम होने पर उनका स्वाद अधिक तेज लग सकता है।
यह तरीका खासतौर पर तब उपयोगी है, जब दाल में अतिरिक्त पानी ज्यादा हो और केवल मैश करने से मनचाही कंसिस्टेंसी न बन रही हो।
दाल को मैश करना क्यों है असरदार?
दाल पकने पर उसके दानों से स्टार्च निकलता है। यही स्टार्च दाल की ग्रेवी को शरीर और गाढ़ापन देने में मदद करता है। जब दाने पूरी तरह नरम हो जाते हैं, तो उन्हें मैश करने से उनका गूदा पानी के साथ अच्छी तरह मिल जाता है।
इसलिए दाल को गाढ़ा करने के लिए हमेशा पानी सुखाना ही एकमात्र उपाय नहीं है। कई बार दाल के कुछ हिस्से को मैश करके थोड़ी देर पकाना पर्याप्त होता है। इससे स्वाद भी काफी हद तक वैसा ही बना रहता है और अलग से कोई सामग्री डालने की जरूरत नहीं पड़ती।
यह तरीका अरहर, मूंग और मसूर जैसी कई दालों में काम आ सकता है। हालांकि, दाल की किस्म, पकने की स्थिति और पानी की मात्रा के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।
अगली बार दाल बनाते समय न करें यह गलती
दाल की कंसिस्टेंसी सही रखने का सबसे आसान तरीका है कि शुरुआत में पानी सोच-समझकर डालें। अलग-अलग दालों और पकाने के तरीकों में पानी की जरूरत अलग होती है। इसलिए हर दाल के लिए एक ही अनुपात को सही मानना ठीक नहीं है।
प्रेशर कुकर में दाल बनाते समय उसके प्रकार और इस्तेमाल किए जा रहे कुकर के अनुसार पानी डालें। यदि पकने के बाद दाल ज्यादा गाढ़ी लगे, तो थोड़ा गर्म पानी मिलाकर उसे पतला किया जा सकता है। इसके उलट, बहुत ज्यादा पानी पड़ जाने पर उसे गाढ़ा करने के लिए अतिरिक्त समय और निगरानी की जरूरत हो सकती है।
एक और जरूरी बात यह है कि दाल के दाने पूरी तरह गलने चाहिए। अगर दाल अधपकी है, तो पहले उसे पर्याप्त पकाएं। केवल पानी सुखाने से अधपकी दाल की बनावट सही नहीं होगी।
स्वाद और बनावट दोनों बचाने का सही तरीका
पतली दाल को ठीक करने के लिए सबसे पहले उसमें मौजूद दानों को मैश करें। इसके बाद जरूरत के अनुसार कुछ मिनट बिना ढके पकाएं। यदि पानी बहुत ज्यादा है, तो इसे थोड़ा अधिक समय लग सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में धीमी या मध्यम आंच और नियमित चलाना सबसे उपयोगी उपाय हैं।
इस तरह दाल में अलग से आटा, बेसन या दूसरी सामग्री मिलाए बिना उसकी कंसिस्टेंसी सुधारी जा सकती है। अगली बार दाल बनाते समय पानी की मात्रा पर थोड़ा ध्यान देने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है।




