CG BPT Admission 2026: बड़ी राहत! छत्तीसगढ़ में 279 छात्रों को मिली फिजियोथेरेपी सीट, 21 अक्टूबर तक मौका
छत्तीसगढ़ में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) में दाखिले का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। प्रदेश में बीपीटी पाठ्यक्रम की खाली सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की आवंटन सूची जारी कर दी गई है। इस चरण में 279 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं, जबकि प्रवेश और दस्तावेजों की जांच पूरी करने के लिए 21 अक्टूबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है।
जिन उम्मीदवारों को इस चरण में कॉलेज आवंटित हुआ है, उनके लिए अब समय पर दस्तावेजों का सत्यापन कराकर प्रवेश लेना सबसे जरूरी है। निर्धारित समय सीमा चूकने पर दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
CG BPT Admission 2026: 21 अक्टूबर तक पूरा करना होगा एडमिशन
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के निर्देशों के अनुसार, आवंटित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया 17 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की स्क्रूटनी और प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय इस प्रकार है:
- दस्तावेजों की जांच: 21 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक।
- प्रवेश की अंतिम समय सीमा: 21 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक।
- प्रक्रिया शुरू होने का समय: सुबह 10 बजे से।
छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि दस्तावेजों के सत्यापन और प्रवेश की समय सीमा अलग-अलग है। इसलिए अंतिम दिन तक इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द संबंधित केंद्र या कॉलेज में पहुंचना बेहतर होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बीच में पड़ने वाले अवकाश के दिनों में भी प्रवेश प्रक्रिया जारी रहेगी।
सात सरकारी कॉलेजों में 350 सीटें, निजी कॉलेज में 69
छत्तीसगढ़ में बीपीटी पाठ्यक्रम के लिए कुल 419 सीटें निर्धारित हैं। इनमें सरकारी और निजी संस्थानों की सीटें शामिल हैं।
प्रदेश के सात शासकीय फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों में कुल 350 सीटें हैं। प्रत्येक सरकारी कॉलेज में 50 सीटें निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त दुर्ग स्थित अपोलो कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में 69 सीटें उपलब्ध हैं।
निजी कॉलेज की सीटों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
- राज्य कोटा: 30 सीटें
- मैनेजमेंट कोटा: 30 सीटें
- एनआरआई कोटा: 9 सीटें
यह सीट संरचना उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी कॉलेज में प्रवेश चाहते हैं या निजी संस्थान में उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को अपने आवंटन पत्र और लागू प्रवेश नियमों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
पहले 163 सीटें थीं खाली, अब तीसरी सूची की संभावना
दूसरे चरण की काउंसलिंग से पहले जारी रिक्त सीटों की सूची में कुल 163 सीटें खाली बताई गई थीं। इनमें सरकारी और निजी दोनों प्रकार के संस्थान शामिल थे।
जिले और संस्थान के अनुसार रिक्त सीटों का विवरण इस प्रकार था:
- रायपुर: 19 सीटें
- जशपुर: 18 सीटें
- मनेन्द्रगढ़: 22 सीटें
- बिलासपुर: 15 सीटें
- रायगढ़: 13 सीटें
- दुर्ग: 14 सीटें
- जगदलपुर: 14 सीटें
- अपोलो कॉलेज, दुर्ग: 48 सीटें
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दूसरे चरण में प्रवेश के लिए कई संस्थानों में अवसर उपलब्ध थे। अब आवंटित सीटों पर कितने अभ्यर्थी वास्तव में प्रवेश लेते हैं, यह आगे की काउंसलिंग के लिए महत्वपूर्ण होगा।
यदि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो तीसरी आवंटन सूची जारी की जा सकती है। हालांकि, तीसरे चरण की तारीख और पात्रता संबंधी विवरण आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अपग्रेडेशन वाले छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
जिन अभ्यर्थियों को अपग्रेडेशन के तहत नया कॉलेज आवंटित किया गया है, उन्हें कुछ अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। ऐसे विद्यार्थियों को पहले अपनी पुरानी संस्था से रिलीविंग लेटर प्राप्त करना होगा। इसके बाद ही उन्हें नई आवंटित संस्था में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जाना चाहिए।
मेडिकल सर्टिफिकेट को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। जिन अभ्यर्थियों ने निर्धारित प्रारूप में पहले ही मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा लिया है, उन्हें दोबारा मेडिकल जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
वहीं, जिन उम्मीदवारों की सीट पहले से रिटेन्ड है, उन्हें इस चरण में दोबारा शामिल होने की जरूरत नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी स्थिति के अनुसार निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि दस्तावेजों या प्रक्रिया से जुड़ी किसी गलती के कारण प्रवेश में परेशानी न हो।
फर्जी एडमिशन के दावों से रहें सावधान
काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रवेश दिलाने के नाम पर होने वाले संभावित फर्जीवाड़े से सावधान रहने की सलाह दी गई है। कॉलेज में सीट दिलाने की गारंटी देने वाले अनधिकृत व्यक्तियों या एजेंटों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक आवंटन सूची और विभागीय निर्देशों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।
अभ्यर्थी सीट आवंटन, प्रवेश कार्यक्रम और अन्य जरूरी निर्देशों की जानकारी इन आधिकारिक वेबसाइटों पर देख सकते हैं:
प्रवेश से संबंधित किसी भी भुगतान, दस्तावेज जमा करने या कॉलेज बदलने के निर्णय से पहले संबंधित संस्था और आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी है।
बीपीटी कोर्स में प्रवेश क्यों है महत्वपूर्ण?
बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य क्षेत्र का एक पेशेवर पाठ्यक्रम है, जिसमें शारीरिक गतिविधियों, पुनर्वास और चोट या बीमारी के बाद कार्यक्षमता सुधारने से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। अस्पतालों, पुनर्वास केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में फिजियोथेरेपी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
ऐसे में काउंसलिंग के प्रत्येक चरण का महत्व उन विद्यार्थियों के लिए बढ़ जाता है जो इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। सीट आवंटित होना प्रवेश प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव है, लेकिन अंतिम प्रवेश के लिए दस्तावेजों का सत्यापन और निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य है।
छात्रों के लिए सबसे जरूरी बात: यदि आपको दूसरे चरण में बीपीटी की सीट आवंटित हुई है, तो 21 अक्टूबर 2026 की समय सीमा से पहले दस्तावेजों की जांच और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करें। खाली सीटें बचने पर आगे की काउंसलिंग का अवसर मिल सकता है, लेकिन तीसरे चरण की प्रतीक्षा करने से बेहतर है कि पहले से मिले आवंटन के निर्देशों को गंभीरता से समझें और समय पर कार्रवाई करें।




