Durg Crime: नाबालिग की मौत के मामले में बड़ा एक्शन, फरार आरोपी पर ₹10 हजार का इनाम घोषित
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी रविदास मानिकपुरी (22) की तलाश तेज कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी में मदद के लिए दुर्ग पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आम लोगों से आरोपी के संबंध में जानकारी देने की अपील करते हुए सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का भरोसा दिया है।
26 सितंबर 2026 को कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 7 स्थित एक घर में लड़की का शव मिला था। मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना के बाद से आरोपी की तलाश जारी है। इस मामले ने नाबालिगों की सुरक्षा, घरेलू परिस्थितियों में होने वाली हिंसा की शिकायतों और समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने जैसे गंभीर सवालों को भी सामने रखा है।
मां के बयान से सामने आया घटनाक्रम
मृतका की मां ने पुलिस को दिए बयान में रविदास मानिकपुरी पर मारपीट करने और काम कराने के बावजूद पैसे नहीं देने के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनकी बेटी करीब एक साल से आरोपी के साथ रह रही थी।
मां ने यह भी बताया कि घटना से दो दिन पहले उनकी बेटी कथित मारपीट से परेशान होकर उनके पास आई थी। उनके आरोप के मुताबिक, 26 सितंबर की शाम रविदास उसे जबरन अपने साथ ले गया था। इसके बाद लड़की की मौत की खबर सामने आई।
मृतका की मां ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, ये आरोप उनके बयान पर आधारित हैं। घटना के वास्तविक क्रम और आरोपी की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घर में नाबालिग का शव मिलने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
ऐसे मामलों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और घटनाक्रम से संबंधित अन्य जानकारियां महत्वपूर्ण होती हैं। इन्हीं के आधार पर जांच अधिकारी यह समझने का प्रयास करते हैं कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उसकी तलाश करने के साथ मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
आरोपी पर इनाम, पुलिस ने नागरिकों से मांगी मदद
दुर्ग पुलिस ने रविदास मानिकपुरी के बारे में उपयोगी जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और इनाम घोषित शर्तों के अनुसार दिया जाएगा।
आरोपी के संबंध में सूचना देने के लिए संपर्क नंबर:
- पुलिस नियंत्रण कक्ष, दुर्ग: 94791-92099
- थाना दुर्ग: 94791-92019
यदि किसी व्यक्ति को आरोपी के संभावित ठिकाने या उसकी मौजूदगी के संबंध में विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो वह इन नंबरों पर पुलिस को सूचित कर सकता है। आरोपी को स्वयं पकड़ने या उसका सामना करने के बजाय पुलिस को जानकारी देना अधिक सुरक्षित है।
नाबालिगों की सुरक्षा के लिए समय पर मदद क्यों जरूरी?
इस मामले में मृतका की मां के बयान के अनुसार, घटना से पहले मारपीट और आर्थिक शोषण जैसी परिस्थितियां मौजूद थीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है, लेकिन वे एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रश्न उठाते हैं—यदि किसी नाबालिग को लगातार हिंसा या दबाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो उसे समय रहते सुरक्षित सहायता कैसे मिले?
ऐसी परिस्थितियों में परिवार, पड़ोसियों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका अहम हो सकती है। हिंसा के संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय उचित प्राधिकरण तक पहुंचाना और पीड़ित को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। नाबालिगों से जुड़े मामलों में उनकी पहचान, निजता और गरिमा की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
आगे की जांच पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में सबसे अहम सवाल आरोपी की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े सभी तथ्यों के सामने आने का है। पुलिस की जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण से घटनाक्रम की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही निकाला जाना चाहिए।




