छत्तीसगढ़ टैक्स विभाग में बड़ा फेरबदल: सोनल मिश्रा समेत 8 संयुक्त आयुक्तों को नई जिम्मेदारी, जानें किसे कहां मिली पोस्टिंग
छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने संयुक्त आयुक्त स्तर के आठ अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी करते हुए उन्हें अलग-अलग संभागों, मुख्यालय और अपील शाखा में जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह फेरबदल रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर स्थित विभागीय इकाइयों को प्रभावित करेगा।
8 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, अधिकारियों की नई तैनाती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सभी पदस्थापनाएं आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से की गई हैं। इस बदलाव में सोनल के. मिश्रा समेत कई अधिकारियों के कार्यस्थल बदले गए हैं।
सोनल के. मिश्रा को मुख्यालय में मिली नई जिम्मेदारी
इस प्रशासनिक बदलाव में सोनल के. मिश्रा की पदस्थापना प्रमुख है। उन्हें रायपुर संभाग-दो से हटाकर नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्य कर आयुक्त कार्यालय के मुख्यालय में बीआईयू में तैनात किया गया है। वहीं, अन्य अधिकारियों को भी संभागीय कार्यालयों, ऑडिट और अपील से जुड़ी इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
विभागीय आदेश में फेरबदल का आधार प्रशासनिक बताया गया है। हालांकि, अधिकारियों के स्थानांतरण के पीछे किसी विशिष्ट कारण का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।
किस अधिकारी को कहां मिली नई पोस्टिंग?
जारी आदेश के अनुसार, आठ संयुक्त आयुक्तों की नई पदस्थापना इस प्रकार है:
- सोनल के. मिश्रा: रायपुर संभाग-दो से मुख्यालय, नवा रायपुर स्थित बीआईयू।
- याचना ताम्ब्रे: नवा रायपुर मुख्यालय से दुर्ग संभाग।
- सुनील चौधरी: रायपुर संभाग-एक से जगदलपुर संभाग।
- दीपक गिरि: राज्य कर संयुक्त आयुक्त (ऑडिट), रायपुर से रायपुर संभाग-दो।
- नरेन्द्र वर्मा: नवा रायपुर स्थित मुख्यालय की बीआईयू से रायपुर संभाग-एक।
- लता जे. त्यागी: बिलासपुर की अपील शाखा से नवा रायपुर संभाग।
- भावना अली: नवा रायपुर संभाग से राज्य कर आयुक्त कार्यालय के मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर।
- गुलापा पुरसेठ: दुर्ग संभाग से रायपुर-एक की अपील शाखा।
कर प्रशासन पर क्या पड़ सकता है असर?
वाणिज्यिक कर विभाग की जिम्मेदारी केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। कारोबारियों के कर संबंधी मामलों, विभागीय जांच, ऑडिट, अपील और कर अनुपालन जैसी गतिविधियों में भी इसकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में संयुक्त आयुक्त स्तर पर अधिकारियों की तैनाती बदलने से अलग-अलग इकाइयों में कामकाज के संचालन और जिम्मेदारियों के वितरण पर असर पड़ सकता है।
रायपुर और नवा रायपुर में मुख्यालय तथा संभागीय कार्यालयों के बीच जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण हुआ है, जबकि जगदलपुर और दुर्ग जैसे क्षेत्रों में भी नई तैनाती की गई है। अब संबंधित अधिकारियों को अपने नए कार्यस्थलों पर कार्यभार संभालना होगा।
हालांकि, केवल पदस्थापना बदलने से विभागीय प्रदर्शन में सुधार का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि नई जिम्मेदारियों के साथ लंबित मामलों का निपटारा, करदाताओं की समस्याओं का समाधान और विभागीय प्रक्रियाओं की गति कैसी रहती है।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर?
नई पदस्थापनाओं के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संभागीय कार्यालयों और मुख्यालय के बीच समन्वय किस तरह आगे बढ़ता है। कारोबारियों के लिए समय पर सुनवाई, स्पष्ट प्रक्रियाएं और कर संबंधी मामलों का निष्पक्ष निपटारा अहम रहता है। प्रशासनिक बदलाव का लाभ तभी दिखाई देगा, जब इसका असर रोजमर्रा के कामकाज में भी नजर आए।
फिलहाल आदेश में सभी आठ अधिकारियों की नई तैनाती तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है। शासन ने बदलाव को प्रशासनिक आधार पर किया है और इसे आगामी आदेश तक अस्थायी रखा है।



