पानी की बोतल से बदबू आना बंद! बिना ज्यादा मेहनत अपनाएं ये 5 असरदार घरेलू तरीके
ऑफिस हो, कॉलेज या सफर, पानी की बोतल दिनभर हमारे साथ रहती है। लेकिन कई बार रोज धोने के बावजूद बोतल खोलते ही अजीब सी गंध आने लगती है। ऐसे में ज्यादातर लोग बोतल को दोबारा पानी से धोकर इस्तेमाल करने लगते हैं, जबकि बदबू की असली वजह कहीं और छिपी हो सकती है।
अक्सर बोतल के तले, ढक्कन की अंदरूनी सतह, रबर की सील और स्ट्रॉ में नमी या पेय पदार्थों के अवशेष जमा रह जाते हैं। समय पर सफाई न होने पर इन हिस्सों में बैक्टीरिया और फफूंद पनपने की आशंका भी बढ़ जाती है। अच्छी बात यह है कि सही तरीके से सफाई करके इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
1. बेकिंग सोडा से दूर करें बोतल की बदबू
अगर बोतल से बार-बार गंध आ रही है, तो बेकिंग सोडा सफाई में मदद कर सकता है। इसकी मदद से कई तरह की अप्रिय गंध को कम किया जा सकता है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- बोतल में एक से दो छोटे चम्मच बेकिंग सोडा डालें।
- उसमें गुनगुना पानी भरें और कुछ देर छोड़ दें।
- बोतल के अंदरूनी हिस्से को बोतल साफ करने वाले ब्रश से अच्छी तरह रगड़ें।
- इसके बाद साफ पानी से कई बार धो लें।
ध्यान रखें कि बोतल की सामग्री के अनुसार सफाई करें। प्लास्टिक या किसी खास कोटिंग वाली बोतल में बहुत गर्म पानी डालने से बचें।
2. ढक्कन की सफाई को न करें नजरअंदाज
कई बार बोतल अंदर से साफ दिखती है, लेकिन ढक्कन खोलते ही बदबू आने लगती है। इसकी वजह ढक्कन के किनारों, रबर की रिंग या छोटे खांचों में जमा नमी और गंदगी हो सकती है।
ढक्कन को अगर अलग किया जा सकता है, तो उसके हिस्सों को खोलकर हल्के बर्तन धोने वाले साबुन और पानी से साफ करें। रबर की सील के आसपास विशेष ध्यान दें, क्योंकि वहां गंदगी आसानी से छिप सकती है।
सफाई के बाद सभी हिस्सों को अच्छी तरह धोएं और पूरी तरह सूखने दें। यदि ढक्कन में फफूंद दिखाई दे या रबर की सील खराब हो गई हो, तो उसे बदलने पर विचार करें।
3. सफेद सिरके से करें गंध दूर करने की कोशिश
सफेद सिरका कुछ तरह की गंध और जमाव को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल करने से पहले बोतल के निर्माता के निर्देश देखना जरूरी है, क्योंकि हर सामग्री सिरके के अनुकूल नहीं होती।
सफाई का तरीका:
- सफेद सिरके और पानी को बराबर मात्रा में मिलाएं।
- बोतल में यह घोल डालकर कुछ देर रहने दें।
- जरूरत के अनुसार बोतल वाले ब्रश से अंदर की सफाई करें।
- बाद में साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
सिरके की गंध भी पूरी तरह निकलनी चाहिए। सिरके को कभी ब्लीच या अन्य सफाई रसायनों के साथ न मिलाएं।
4. स्ट्रॉ वाली बोतल है तो यह गलती न करें
स्ट्रॉ वाली बोतलों में सफाई थोड़ी ज्यादा सावधानी से करनी पड़ती है। बाहर से बोतल साफ होने के बावजूद स्ट्रॉ के भीतर पेय पदार्थों के अवशेष जमा रह सकते हैं।
स्ट्रॉ को अलग निकालकर पतले सफाई ब्रश से अंदर तक साफ करें। ढक्कन में लगे छोटे वाल्व और जोड़ भी निर्माता के निर्देशों के अनुसार धोएं। केवल पानी से स्ट्रॉ को बाहर से धो देना पर्याप्त नहीं है।
अगर स्ट्रॉ के अंदर काले या हरे धब्बे दिखाई दें और उन्हें पूरी तरह साफ करना संभव न हो, तो स्ट्रॉ बदलना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
5. बोतल धोने के बाद सुखाना भी है जरूरी
बोतल की बदबू दोबारा लौटने की एक वजह सफाई के बाद अंदर बची नमी भी हो सकती है। गीली बोतल को तुरंत बंद कर देने से उसके भीतर नमी फंस जाती है, जिससे अप्रिय गंध पैदा होने की आशंका बढ़ सकती है।
बोतल धोने के बाद उसे खुला रखें और निर्माता के निर्देशों के अनुसार हवा में पूरी तरह सूखने दें। ढक्कन, रबर की रिंग और स्ट्रॉ को भी अलग-अलग सुखाएं।
रोजाना इस्तेमाल होने वाली बोतल को नियमित रूप से साबुन और पानी से साफ करें। यदि उसमें दूध, जूस या मीठा पेय रखा था, तो उसे इस्तेमाल के तुरंत बाद धोना बेहतर है।
बोतल की सफाई में इन 4 गलतियों से बचें
- सिर्फ पानी से धोना: पानी से कुल्ला करने पर अंदर चिपके अवशेष पूरी तरह नहीं निकल सकते।
- गीली बोतल बंद करना: इससे नमी अंदर फंसी रह सकती है।
- ढक्कन और स्ट्रॉ भूल जाना: इन हिस्सों में भी गंदगी जमा हो सकती है।
- तेज रसायनों का गलत इस्तेमाल: ब्लीच या अन्य क्लीनर का अनुचित उपयोग नुकसानदायक हो सकता है। अलग-अलग सफाई रसायनों को कभी आपस में न मिलाएं।
कब बदल देनी चाहिए पानी की बोतल?
अगर बोतल को सही तरीके से साफ करने और सुखाने के बाद भी बदबू बनी रहती है, तो उसकी सामग्री और स्थिति की जांच करें। प्लास्टिक में दरारें, गहरी खरोंचें, स्थायी धब्बे या खराब सील होने पर उसे बदलना बेहतर हो सकता है।
यदि बोतल में फफूंद दिखाई दे, तो साफ होने तक उसका इस्तेमाल न करें। ऐसी बोतल को दोबारा उपयोग करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसे प्रभावी ढंग से साफ किया जा सकता है।



