सोना ₹1.50 लाख के पार, चांदी में भी जोरदार उछाल! खरीदारी से पहले जानें कीमतों का बड़ा अपडेट
देश में सोने और चांदी की कीमतों में 9 अक्टूबर 2026 को तेज उछाल दर्ज किया गया है। सोने का भाव बढ़कर 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत भी 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। कीमती धातुओं की कीमतों में इस तेजी का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है, जो शादी-ब्याह, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में एक दिन में 1,968 रुपये की बढ़ोतरी हुई। वहीं, चांदी का भाव 4,064 रुपये प्रति किलोग्राम चढ़ गया। इससे पहले 8 अक्टूबर को सोना लगभग 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।
सोने-चांदी की तेजी से आम खरीदारों पर क्या पड़ेगा असर?
सोना अब केवल आभूषण खरीदने का माध्यम नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए बचत और आर्थिक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से खरीदारी का बजट प्रभावित होना स्वाभाविक है।
शादी के लिए गहने बनवाने वाले परिवारों को अब पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। वहीं, निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वालों के सामने यह सवाल है कि मौजूदा तेजी के बीच एकमुश्त खरीदारी करना सही होगा या धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा।
हालांकि, केवल एक दिन की तेजी को देखकर कीमतों के आगे भी बढ़ने की गारंटी नहीं मानी जा सकती। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की संभावनाएं, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितताएं सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
2026 में सोने ने पकड़ी बढ़त, चांदी में उतार-चढ़ाव
इस साल अब तक सोने और चांदी का प्रदर्शन अलग-अलग रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये था, जो 9 अक्टूबर 2026 को बढ़कर लगभग 1.50 लाख रुपये हो गया। इस तरह सोने की कीमत में साल के दौरान करीब 16,415 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
दूसरी ओर, चांदी का भाव 31 दिसंबर 2025 के लगभग 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2.21 लाख रुपये के आसपास आ गया है। यानी साल के दौरान इसमें करीब 9,250 रुपये की गिरावट बताई गई है।
इस दौरान 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की बात भी सामने आई थी। ये आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं में तेजी के साथ बड़ी गिरावट का जोखिम भी बना रहता है।
निवेशकों के लिए अहम बात: सोना और चांदी दोनों की कीमतें एक जैसी दिशा में चलें, यह जरूरी नहीं है। इसलिए केवल पुराने रिकॉर्ड या हालिया तेजी के आधार पर निवेश का फैसला लेने के बजाय अपने निवेश की अवधि, जरूरत और जोखिम सहने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।
अलग-अलग शहरों में सोने का भाव अलग क्यों होता है?
कई बार एक ही दिन में अलग-अलग शहरों के ज्वेलर्स के यहां सोने की कीमतों में अंतर दिखाई देता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण होते हैं।
- परिवहन और सुरक्षा खर्च: सोने को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में लॉजिस्टिक्स, बीमा और सुरक्षा का खर्च जुड़ सकता है।
- स्थानीय मांग और आपूर्ति: किसी क्षेत्र में शादी या त्योहारों के कारण मांग बढ़ने पर स्थानीय बाजार की कीमतों और उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।
- ज्वेलर का पुराना स्टॉक: दुकानदार ने सोना किस कीमत पर खरीदा था और उसकी खरीद लागत क्या रही, इसका असर बिक्री मूल्य पर पड़ सकता है।
- स्थानीय कर और कारोबारी खर्च: राज्य के लागू कर, बाजार की प्रतिस्पर्धा और अन्य कारोबारी लागतों के कारण अंतिम कीमत में अंतर आ सकता है।
ध्यान रखें कि IBJA का घोषित भाव और किसी ज्वेलरी शोरूम का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, लागू GST और अन्य बिल संबंधी मदों को भी समझना चाहिए।
सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कीमतें ऊंचे स्तर पर हों तो खरीदारी में जल्दबाजी करने के बजाय कुछ जरूरी जांच करना फायदेमंद हो सकता है।
1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की पुष्टि करें। हॉलमार्क वाले आभूषण पर BIS का चिह्न, कैरेट के अनुरूप शुद्धता की जानकारी और लागू हॉलमार्किंग पहचान की जांच करें। उपलब्ध डिजिटल सत्यापन सुविधा से भी जानकारी मिलान करना उपयोगी है।
2. खरीदारी के दिन का भाव पता करें
IBJA के भाव और स्थानीय ज्वेलर के रेट की तुलना करें। यह भी पूछें कि भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने के लिए है। आभूषणों की कीमत उनकी शुद्धता के साथ-साथ वजन और निर्माण लागत पर भी निर्भर करती है।
3. बिल में हर खर्च स्पष्ट रखें
खरीदारी से पहले सोने का वजन, प्रति ग्राम दर, मेकिंग चार्ज, लागू GST और कुल भुगतान की जानकारी लिखित बिल में लें। इससे बाद में कीमत या शुद्धता को लेकर विवाद होने की आशंका कम होती है।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी खरीदते समय केवल उसकी चमक देखकर शुद्धता का निर्णय नहीं करना चाहिए। कुछ घरेलू परीक्षण शुरुआती संकेत दे सकते हैं, लेकिन वे पूरी तरह भरोसेमंद प्रमाण नहीं हैं।
- मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी सामान्य चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, चुंबक से न चिपकना अपने आप में असली चांदी होने का प्रमाण नहीं है।
- आइस टेस्ट: चांदी की ऊंची तापीय चालकता के कारण उसके संपर्क में बर्फ तेजी से पिघल सकती है। यह परीक्षण भी निर्णायक नहीं है।
- गंध की जांच: तेज धात्विक गंध कुछ मिश्रधातुओं का संकेत हो सकती है, लेकिन गंध से शुद्धता प्रमाणित नहीं की जा सकती।
- कपड़े से रगड़ना: चांदी पर काला निशान आ सकता है, लेकिन यह अकेले उसकी असलियत की पुष्टि नहीं करता।
सबसे सुरक्षित तरीका है कि चांदी की शुद्धता किसी विश्वसनीय विक्रेता से प्रमाणित कराएं और खरीदारी का उचित बिल लें। बड़े मूल्य की खरीद में पेशेवर शुद्धता परीक्षण कराना बेहतर रहता है।
आगे क्या करें—अभी खरीदें या इंतजार करें?
सोने और चांदी में आई तेजी खरीदारों के लिए बजट की चुनौती है, जबकि मौजूदा निवेशकों के लिए यह अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने का अवसर हो सकता है। फिर भी, केवल कीमत बढ़ने के कारण खरीदारी करना या गिरावट के डर से तुरंत बेच देना समझदारी भरा कदम नहीं है।
अगर गहने किसी तय पारिवारिक जरूरत के लिए खरीदने हैं, तो बजट, शुद्धता और कुल लागत को प्राथमिकता दें। वहीं, निवेश के लिए खरीदारी करने वालों को अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम क्षमता के अनुसार फैसला करना चाहिए



