पेट्रोल-डीजल कीमतों पर राहत, आज नहीं बढ़े दाम; जानें दिल्ली से मुंबई तक नए रेट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए 3 अक्टूबर 2026 की सुबह फिलहाल राहत लेकर आई है। देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम में आज कोई बदलाव नहीं किया गया। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बना हुआ है, जबकि मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर है।
इंटरनेशनल क्रूड के महंगे रहने से ईंधन बाजार पर दबाव बना हुआ है। ताजा बाजार रिपोर्टिंग में कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बताई गई है। ऐसे माहौल में घरेलू पंप कीमतों का स्थिर रहना फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
आज का सबसे बड़ा अपडेट: कीमतों में बदलाव नहीं
3 अक्टूबर की उपलब्ध दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर है। मुंबई में यही कीमत ₹111.21, कोलकाता में ₹113.51 और चेन्नई में ₹107.76 प्रति लीटर है। इन प्रमुख महानगरों में आज कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।
डीजल की बात करें तो दिल्ली में ₹95.20, मुंबई में ₹97.83, कोलकाता में ₹99.82 और चेन्नई में ₹99.55 प्रति लीटर का रेट दर्ज है।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| गुरुग्राम | 102.97 | 95.64 |
| नोएडा | 101.77 | 95.60 |
| बेंगलुरु | 110.97 | — |
| भुवनेश्वर | 108.97 | 100.68 |
| चंडीगढ़ | 102.20 | 89.47 |
| हैदराबाद | 115.73 | 103.86 |
| जयपुर | — | 98.50 |
| पटना | — | 99.80 |
| तिरुवनंतपुरम | 155.49 | 104.41 |
नोट: अलग-अलग शहरों में स्थानीय कर और अन्य लागतों के कारण खुदरा कीमतें अलग रहती हैं। उपलब्ध स्रोतों में कुछ शहरों के आंकड़ों में समयानुसार मामूली अंतर हो सकता है।
क्रूड महंगा, फिर भी पंप पर कीमत स्थिर क्यों?
पेट्रोल-डीजल की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव से तय नहीं होती। इसमें कच्चे तेल की लागत के अलावा रिफाइनिंग, परिवहन, डीलर मार्जिन और केंद्र तथा राज्य स्तर के कर जैसे कई घटक शामिल होते हैं।
इसीलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने का असर हमेशा उसी दिन पेट्रोल पंप पर दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। तेल विपणन कंपनियों के मूल्य निर्धारण, लागत और बाजार परिस्थितियों के आधार पर बदलाव का असर अलग समय पर दिखाई दे सकता है।
भारत जैसे बड़े आयात-निर्भर बाजार के लिए कच्चे तेल की लंबी अवधि तक ऊंची कीमत चिंता का विषय रहती है। महंगा आयात देश के व्यापार संतुलन पर दबाव डाल सकता है और परिवहन लागत के जरिए अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है।
मई के बाद से कीमतों का रुख क्यों महत्वपूर्ण है?
इस साल मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई चरणों में बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पंपों पर कीमतों में लंबे समय तक स्थिरता बनी रही। हालिया महीनों में उपलब्ध शहरवार आंकड़ों में भी दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े बाजारों में लंबे समय से समान खुदरा दरें दिखाई दे रही हैं।
यही वजह है कि अब बाजार की नजर दो चीजों पर है—अंतरराष्ट्रीय क्रूड किस दिशा में जाता है और घरेलू तेल कंपनियां बढ़ी हुई लागत को किस तरह संभालती हैं।
आम आदमी के लिए इसका सीधा मतलब
ईंधन की कीमत स्थिर रहने का असर केवल कार या बाइक चलाने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं है। डीजल की कीमत परिवहन लागत से जुड़ी होने के कारण माल ढुलाई, कृषि गतिविधियों और कई दूसरे क्षेत्रों की लागत पर भी असर डालती है।
इसलिए आज की स्थिर कीमत तत्काल राहत तो देती है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर निर्भर रहेगी। यदि क्रूड लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है, तो घरेलू ईंधन कीमतों और तेल कंपनियों की लागत के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रोज सुबह 6 बजे क्यों देखें पेट्रोल-डीजल का भाव?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को दैनिक आधार पर अपडेट करने की व्यवस्था लागू है। प्रमुख तेल कंपनियों की ओर से सुबह 6 बजे नए रेट प्रभावी किए जाते हैं। इसलिए किसी शहर का सही भाव जानने के लिए उसी दिन का अपडेट देखना जरूरी है।



