कोरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, एक झटके में उजड़ गए तीन परिवार
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में शुक्रवार रात हुआ हादसा सिर्फ दो वाहनों की टक्कर नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए गहरे सदमे की वजह बन गया। दशगात्र कार्यक्रम से लौट रही महिलाओं से भरा ऑटो सावारांवा के पास पिकअप से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो में बैठी कुछ महिलाएं सड़क पर जा गिरीं। हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गईं।
यह कोरिया सड़क हादसा पटना थाना क्षेत्र में हुआ। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद की। गंभीर रूप से घायल चार महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
दशगात्र से लौटते वक्त हुआ हादसा
छिंदिया गांव की महिलाएं बिलारो गांव में दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब 15 महिलाएं एक ऑटो से वापस लौट रही थीं। रात करीब 8 बजे उनका वाहन सावारांवा के पास पहुंचा, तभी बैकुंठपुर की ओर से आ रही पिकअप ने ऑटो को टक्कर मार दी।
प्रत्यक्ष परिस्थितियों से हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। टक्कर के बाद ऑटो में सवार कुछ महिलाएं वाहन से उछलकर सड़क पर जा गिरीं। सड़क पर रात के समय हुई यह दुर्घटना बचाव कार्य को भी चुनौतीपूर्ण बना सकती थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
तीन महिलाओं की मौके पर मौत
दुर्घटना में फुलकुंवर पति महेंद्र सिंह (50), रामबाई पति रामकुमार (60) और फुलकुंवर पति जगजीवन (60) की मौत हो गई।
वहीं, हादसे में घायल महिलाओं में चालमती (35), देव कुंवर (50), सुदामा बाई (40), सरिता (35), संगीता (35), कदम कुंवर (40), पतांगो सिंह (50) और मीना देवी (40) के नाम सामने आए हैं। अन्य घायलों का भी उपचार किया जा रहा है।
फरार चालक की तलाश, CCTV फुटेज खंगालेगी पुलिस
हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पटना थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सड़क मार्ग पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालेगी, ताकि वाहन और चालक की पहचान की जा सके।
जांच का अगला महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई। पिकअप की गति, सड़क की स्थिति, वाहनों की स्थिति और टक्कर के समय दोनों वाहनों की दिशा जैसे बिंदु जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हादसा फिर उठा रहा है ग्रामीण सड़कों की सुरक्षा का सवाल
ऐसी दुर्घटनाओं में केवल वाहन चालक की भूमिका देखना पर्याप्त नहीं होता। ग्रामीण और अर्ध-शहरी मार्गों पर रात के समय प्रकाश व्यवस्था, सड़क की चौड़ाई, यातायात नियंत्रण, वाहनों की गति और यात्री क्षमता जैसे मुद्दे भी सड़क सुरक्षा से सीधे जुड़े होते हैं।
ऑटो जैसे छोटे यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी होने पर दुर्घटना की स्थिति में जोखिम और बढ़ सकता है। वहीं तेज रफ्तार भारी वाहन से टक्कर होने पर छोटे वाहन में बैठे यात्रियों को गंभीर चोट लगने की आशंका रहती है।
इस घटना में तीन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया है और कई परिवारों के सामने अब घायलों के इलाज की चिंता है। आगे की पुलिस जांच यह स्पष्ट करेगी कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं और फरार पिकअप चालक तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंच पाती है।



