Gwalior Crime: परिवार को कमरों में बंद कर रातभर घर में घूमते रहे चोर, 13 लाख के गहने लेकर हुए फरार
ग्वालियर: आंतरी थाना क्षेत्र के कल्याणी गांव में एक किराना कारोबारी के घर हुई चोरी की वारदात ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने सिर्फ घर में रखे जेवरात पर हाथ साफ नहीं किया, बल्कि सो रहे परिवार के सदस्यों के कमरों की कुंडी बाहर से लगाकर उन्हें अंदर ही रोक दिया। इसके बाद एक कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़कर करीब 13 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए।
परिवार को चोरी की जानकारी सुबह नींद खुलने के बाद हुई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर में ही चलती थी किराने की दुकान
कल्याणी गांव की इंद्रा कॉलोनी में रहने वाले चुन्नीलाल जाटव किराना कारोबार करते हैं और उनके घर में ही दुकान संचालित होती है। रोज की तरह उन्होंने रात करीब आठ बजे दुकान बंद की और परिवार के साथ घर में सोने चले गए।
बताया गया कि उनके बेटे मुकेश और भरत अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। इसी दौरान चोर घर में दाखिल हुए। वारदात का तरीका बताता है कि आरोपियों ने पहले यह सुनिश्चित किया कि सो रहे लोग तत्काल बाहर न निकल सकें। इसके बाद उन्होंने उस कमरे को निशाना बनाया, जहां अलमारी रखी हुई थी।
अलमारी का ताला तोड़कर ले गए जेवर
चोरों ने अलमारी का ताला तोड़ा और उसमें रखे आभूषण निकाल लिए। शिकायत के मुताबिक चोरी गए सामान में करीब पांच तोले का सोने का हार, टॉप्स, झुमके, पांच अंगूठियां, पेंडेंट, सोने की पुतली के अलावा चांदी के आभूषण और मूर्तियां शामिल हैं।
परिवार ने चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई है। हालांकि बरामदगी और वास्तविक नुकसान का अंतिम आकलन पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
सुबह खुला राज, बाहर निकलने के लिए करनी पड़ी फोन पर मदद
रात में किसी को घटना का पता नहीं चला। सुबह जब चुन्नीलाल और परिवार के अन्य सदस्यों की नींद खुली तो उन्हें अपने कमरों के दरवाजे बाहर से बंद मिले।
इसके बाद परिवार ने दूसरे बेटे से संपर्क किया। बताया गया कि भरत के कमरे की कुंडी बाहर से नहीं लगी थी और उसके बाहर आने के बाद अन्य कमरों के दरवाजे खोले जा सके। बाहर निकलने के बाद परिवार ने अलमारी का ताला टूटा और सामान बिखरा देखा, तब चोरी का पता चला।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
वारदात में कई सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस
मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना होगा कि चोर घर में किस रास्ते से दाखिल हुए, उन्हें घर के भीतर रखे सामान और कमरों की जानकारी कैसे मिली तथा वारदात में कितने लोग शामिल थे।
ऐसे मामलों में आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज, घटनास्थल के आसपास संदिग्ध गतिविधियां, मोबाइल लोकेशन और चोरी के सामान को खपाने वाले संभावित नेटवर्क की जानकारी जांच में अहम हो सकती है। यदि घटनास्थल से फिंगरप्रिंट या अन्य भौतिक साक्ष्य मिलते हैं, तो वे भी आरोपियों तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं।
घर के साथ दुकान होने से सुरक्षा का सवाल भी अहम
इस घटना का एक दूसरा पहलू भी है। घर में ही किराना दुकान चलने के कारण कारोबारी का रोजाना का काम और पारिवारिक जीवन एक ही परिसर में चलता है। ऐसे घरों में नकदी या कीमती सामान होने की संभावना को अपराधी पहले से जानते हों, तो सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह भी देखना जरूरी होगा कि इलाके में रात के समय निगरानी, स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी तथा पड़ोस आधारित सतर्कता चोरी की घटनाओं को रोकने में उपयोगी हो सकती है।


