बरेली में पुरानी रंजिश का खूनी अंत: खेत में मिला युवक का शव, चार नामजद आरोपी फरार
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला क्षेत्र के कंधरपुर गांव में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। श्याम सिंह का शव शनिवार सुबह खेत में खून से लथपथ हालत में मिला। पुलिस के मुताबिक, युवक के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए वार के निशान मिले हैं। मृतक के भाई की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
रात में घर से निकला, सुबह खेत में मिला शव
बताया गया कि श्याम सिंह शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे घर से बाग की ओर गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह गांव के ही एक व्यक्ति ने परिवार को खेत में शव पड़े होने की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो श्याम सिंह मृत मिला।
घटना की सूचना मिलने के बाद आंवला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्टों के अनुसार, पोस्टमार्टम में सिर पर चोट के साथ गले पर गंभीर चोट और हाथ-पैरों पर भी कई घाव पाए गए।
छह-सात साल पुरानी रंजिश की बात सामने आई
मामले में मृतक के भाई मुन्ना लाल ने गांव के ही गजराम, मोहर सिंह, रूम सिंह और भूपराम को नामजद किया है। परिवार की ओर से हत्या के पीछे लंबे समय से चली आ रही रंजिश को वजह बताया गया है।
मुन्ना लाल का आरोप है कि करीब छह-सात साल पहले उसके पिता ने मोहर सिंह को कथित तौर पर कैरोसिन बेचते हुए पकड़े जाने की कार्रवाई कराई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। करीब दो महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद होने और रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। हालांकि, हत्या का वास्तविक कारण और इसमें किसकी क्या भूमिका रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गांव के पुराने विवाद भी जांच के दायरे में
पुलिस के सामने सिर्फ एक पुरानी रंजिश का पहलू ही नहीं है। जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि श्याम सिंह का गांव के कुछ अन्य लोगों से विवाद रहता था। पुलिस इसी वजह से घटना के संभावित कारणों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की अलग-अलग कोण से पड़ताल कर रही है।
ऐसे मामलों में पुराना विवाद अपने आप हत्या का प्रमाण नहीं होता। जांच एजेंसी के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि घटना से पहले मृतक की किन लोगों से बातचीत या विवाद हुआ था, घटनास्थल पर कौन-कौन मौजूद था और उपलब्ध भौतिक साक्ष्य नामजद आरोपों से कितने मेल खाते हैं।
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद चारों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार तथा गांव के लोगों से जानकारी ली।
पुलिस के अनुसार, पुरानी रंजिश के अलावा अन्य संभावित कारणों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक साक्ष्य अहम
इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए फोरेंसिक साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। शरीर पर अलग-अलग स्थानों पर मिले घावों से हमले के क्रम और उसकी प्रकृति के बारे में पुलिस को सुराग मिल सकता है।
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल से कोई हथियार, कपड़े, रक्त के नमूने, पैरों के निशान या अन्य साक्ष्य मिले हैं या नहीं। साथ ही, घटना के समय मृतक की गतिविधियों और आरोपियों की संभावित मौजूदगी की जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
श्याम सिंह मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में एक बेटा और एक बेटी होने की जानकारी सामने आई है। हत्या के बाद परिवार में मातम है और गांव में भी घटना को लेकर चर्चा का माहौल है।



