अंबिकापुर के कंठी-जगदीशपुर मार्ग पर रास्ता देने को लेकर शुरू हुई कहासुनी बढ़ी; पुलिस ने FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू की
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान प्रशिक्षु डीएसपी और कुछ युवकों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना मणिपुर थाना क्षेत्र के कंठी-जगदीशपुर मार्ग की बताई जा रही है। उपलब्ध पुलिस-संबंधी रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद के दौरान प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे के साथ मारपीट किए जाने और उनकी निजी कार में तोड़फोड़ की शिकायत सामने आई है। मामले में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
जुलूस के कारण सड़क पर बनी थी स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, घटना गुरुवार रात की है। उस समय गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में डीजे और झांकी शामिल होने के कारण कंठी और जगदीशपुर के बीच मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की बात सामने आई है।
इसी दौरान दरिमा थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे निजी वाहन से वहां से गुजर रहे थे। रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्होंने रास्ता देने और यातायात सुचारु करने के लिए जुलूस में मौजूद लोगों से कहा। इसी बात को लेकर कुछ युवकों के साथ उनकी कहासुनी हो गई।
कुछ रिपोर्टों में डीजे की तेज आवाज को लेकर भी आपत्ति जताए जाने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में विवाद की शुरुआत और उसके क्रम को लेकर मामूली अंतर है। इसलिए इस हिस्से को पुलिस जांच का विषय मानना उचित होगा।
विवाद बढ़ने के बाद मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप
कहासुनी के बाद मामला बढ़ गया। आरोप है कि जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने प्रशिक्षु डीएसपी के साथ मारपीट की। इसी दौरान उनकी निजी कार के शीशों में भी तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद मणिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र के SDOP राकेश बघेल के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया है कि निशांत कुर्रे क्षेत्र भ्रमण पर थे और रास्ता बाधित होने पर उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों को समझाइश देने की कोशिश की थी। इसके बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटना को लेकर FIR दर्ज किए जाने की जानकारी दी है।
छह लोगों पर पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अब पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और मारपीट तथा वाहन में हुई तोड़फोड़ में किन लोगों की भूमिका रही।
मीडिया रिपोर्टों में छह लोगों को कहीं “गिरफ्तार” तो कहीं “हिरासत में” बताया गया है। इसलिए मामले की कानूनी स्थिति को लेकर “छह लोग हिरासत में लिए गए” कहना फिलहाल अधिक सावधानीपूर्ण है। अन्य संभावित आरोपियों की पहचान और तलाश की प्रक्रिया भी जारी होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
इस घटना में विवाद की वास्तविक वजह, मारपीट में शामिल लोगों की संख्या और वाहन में हुई क्षति समेत अन्य पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



