गौतम अडानी फिर बने भारत के सबसे अमीर, अंबानी से करीब ₹59,400 करोड़ आगे; Hurun List में AI और डीप-टेक का बढ़ता असर
नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े कारोबारी घरानों के बीच संपत्ति की रैंकिंग एक बार फिर बदली है। M3M Hurun India Rich List 2026 के मुताबिक गौतम अडानी और उनका परिवार ₹9.23 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। पिछले साल शीर्ष पर रहे मुकेश अंबानी और उनका परिवार ₹8.63 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है। दोनों के बीच करीब ₹59,400 करोड़ का अंतर है।
लेकिन इस सूची की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ यह बदलाव नहीं है। 2026 की रिपोर्ट दिखाती है कि भारत में बड़ी संपत्ति अब केवल पारंपरिक ऊर्जा, उद्योग और कारोबारी समूहों तक सीमित नहीं रह गई है। AI, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस-डिफेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों से भी नई संपत्ति तेजी से बन रही है।
अडानी की संपत्ति बढ़ी, अंबानी की घटी
Hurun के 2026 आकलन में अडानी परिवार की संपत्ति पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत बढ़कर ₹9.23 लाख करोड़ हो गई। इसके विपरीत मुकेश अंबानी और परिवार की संपत्ति 10 प्रतिशत घटकर ₹8.63 लाख करोड़ रही। यही बदलाव दोनों परिवारों की रैंकिंग में उलटफेर का मुख्य कारण बना।
यहां यह समझना जरूरी है कि ऐसी रिच लिस्ट में बताई गई संपत्ति का अर्थ बैंक खाते में मौजूद नकद रकम नहीं होता। इसमें कंपनियों में हिस्सेदारी, सूचीबद्ध शेयरों का बाजार मूल्य और अन्य संपत्तियों के अनुमान शामिल होते हैं। इसलिए शेयर बाजार और कंपनियों के मूल्यांकन में बदलाव से किसी कारोबारी की अनुमानित संपत्ति भी तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती है।
इस सूची के लिए संपत्ति का आकलन 24 अगस्त 2026 की स्थिति पर किया गया था। उस समय डॉलर-रुपया विनिमय दर ₹95.63 प्रति डॉलर बताई गई है।
भारत में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वालों की संख्या बढ़ी
M3M Hurun India Rich List 2026 में ₹1,000 करोड़ या उससे अधिक संपत्ति वाले 1,810 लोगों को शामिल किया गया है। इनकी संयुक्त संपत्ति ₹187.5 लाख करोड़ यानी करीब 1.96 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है, जो पिछले साल की तुलना में 12.8 प्रतिशत अधिक है।
दिलचस्प बात यह है कि यह वृद्धि ऐसे समय दर्ज हुई जब रिपोर्ट में शामिल अवधि के दौरान Nifty 50 में 3.9 प्रतिशत और Sensex में 5.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। इसका मतलब यह है कि सूची में शामिल लोगों की संपत्ति में बदलाव केवल व्यापक शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं समझा जा सकता। कंपनियों के अलग-अलग प्रदर्शन, हिस्सेदारी के मूल्य और गैर-सूचीबद्ध कारोबारों के मूल्यांकन ने भी भूमिका निभाई।
भारत में डॉलर अरबपतियों की संख्या भी रिकॉर्ड 391 तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27 अधिक है।
टॉप-10 में अडानी-अंबानी के बाद कौन?
2026 की सूची में शीर्ष 10 में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
लक्ष्मी निवास मित्तल और परिवार ₹3.39 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे। उनकी संपत्ति में 93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और वे आठ पायदान ऊपर आए।
इसके बाद साइरस पूनावाला और परिवार ₹3.03 लाख करोड़ के साथ चौथे स्थान पर रहे। HCL की रोशनी नादर मल्होत्रा और परिवार ₹2.79 लाख करोड़ के साथ पांचवें स्थान पर हैं और सूची में सबसे अमीर महिला बनी हुई हैं।
अनिल अग्रवाल और परिवार ₹2.08 लाख करोड़ के साथ नौवें स्थान पर पहुंचे, जबकि समीर मेहता और परिवार ₹1.89 लाख करोड़ के साथ पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हुए।
AI ने बदला भारत की नई संपत्ति का नक्शा
इस साल की सूची का सबसे उल्लेखनीय बदलाव AI को एक स्वतंत्र wealth-creation sector के रूप में शामिल किया जाना है।
Hurun के अनुसार AI क्षेत्र से 19 उद्यमी सूची में शामिल हुए हैं, जिनकी संयुक्त संपत्ति करीब ₹3.07 लाख करोड़ है। इनमें 15 नए नाम हैं। इनमें डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, AI मॉडल और AI एप्लिकेशन से जुड़े कारोबारी शामिल हैं।
यह बदलाव भारतीय टेक इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। पहले बड़ी भारतीय टेक संपत्ति मुख्यतः IT services और software कंपनियों से जुड़ी दिखाई देती थी। अब AI infrastructure और deep-tech कंपनियां भी बड़े निजी मूल्यांकन और संपत्ति निर्माण का आधार बन रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार AI, एयरोस्पेस एवं डिफेंस और सेमीकंडक्टर—इन तीन क्षेत्रों को मिलाकर 48 व्यक्ति सूची में हैं और इनकी संयुक्त संपत्ति करीब ₹4.26 लाख करोड़ है। इनमें 30 नए नाम हैं।
क्वांटम कंप्यूटिंग की भी पहली एंट्री
AI के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग ने भी पहली बार इस सूची में जगह बनाई है। बेंगलुरु स्थित QpiAI के नागेंद्र नागराजा ₹1,700 करोड़ की संपत्ति के साथ सूची में शामिल हुए हैं। Hurun के अनुसार वह भारत के पहले quantum-computing rich lister हैं।
इसका महत्व इस बात में है कि भविष्य की तकनीकों में संपत्ति निर्माण का चक्र पारंपरिक उद्योगों से अलग हो सकता है। अगर AI infrastructure, semiconductor manufacturing और quantum technology में निवेश तथा व्यावसायिक उपयोग बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में भारत की rich lists में इन क्षेत्रों के नाम और बढ़ सकते हैं।
सबसे अमीर शहर कौन-से?
रिपोर्ट के मुताबिक सूची में शामिल अमीर लोगों के निवास के मामले में मुंबई सबसे आगे है। इसके बाद नई दिल्ली और बेंगलुरु का स्थान है। पूरी सूची 163 शहरों से जुड़े 1,810 लोगों को कवर करती है।
यह भौगोलिक वितरण भी भारत के आर्थिक ढांचे की एक तस्वीर पेश करता है। मुंबई वित्त, पूंजी बाजार और बड़े कारोबारी समूहों का प्रमुख केंद्र है, जबकि बेंगलुरु का बढ़ता महत्व टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप आधारित संपत्ति निर्माण से जुड़ा है।
विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के अमीर भी सूची का हिस्सा
M3M Hurun India Rich List की खासियत यह है कि इसमें केवल भारत में रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि भारत में जन्मे या पले-बढ़े और वर्तमान में विदेश में रहने वाले लोग भी शामिल होते हैं, यदि वे निर्धारित संपत्ति सीमा पूरी करते हैं। इसलिए यह सूची भारतीय मूल की वैश्विक आर्थिक पहुंच को भी दर्शाती है।
यही वजह है कि भारत की wealth ecosystem को केवल देश के भीतर मौजूद कंपनियों से जोड़कर देखना पूरी तस्वीर नहीं देता। तकनीक और पूंजी की वैश्विक आवाजाही के कारण भारतीय मूल के उद्यमियों की संपत्ति अब अमेरिका, यूएई और अन्य बाजारों से भी जुड़ी हुई है।
इस साल की Hurun List का बड़ा संकेत क्या है?
2026 की सूची को केवल यह देखकर पढ़ना कि अडानी पहले और अंबानी दूसरे स्थान पर हैं, अधूरी तस्वीर होगी। असली बदलाव नीचे की परतों में दिखाई देता है।
एक तरफ ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा और धातु जैसे स्थापित उद्योग अभी भी बड़ी संपत्ति पैदा कर रहे हैं। दूसरी तरफ AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र नई पीढ़ी के धन निर्माण का आधार बनते दिखाई दे रहे हैं।
आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इनमें से कितने नए टेक उद्यम अपने मौजूदा मूल्यांकन को वास्तविक कारोबार, मुनाफे और वैश्विक विस्तार में बदल पाते हैं। इसी तरह पारंपरिक कारोबारी समूहों के लिए भी पूंजी की लागत, नियामकीय बदलाव, वैश्विक बाजार और शेयर मूल्य उनकी संपत्ति की रैंकिंग को प्रभावित करते रहेंगे।



