स्मार्टफोन के बाद नए दौर के AI डिवाइस विकसित करने की होड़, स्मार्ट ग्लास और वॉयस रिकॉर्डिंग डिवाइस चर्चा में; डेटा और निजी बातचीत की सुरक्षा बनी अहम चुनौती
नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी की दुनिया में कंपनियां स्मार्टफोन के अलावा ऐसे नए उपकरण विकसित करने पर ध्यान दे रही हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीधे इस्तेमाल हो सके। Reuters की 22 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्ट ग्लास, AI-पिन, पेंडेंट और वॉयस रिकॉर्डिंग डिवाइस जैसे पहनने योग्य उपकरणों को भविष्य के कंप्यूटिंग डिवाइस के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
इन डिवाइस की खासियत यह है कि वे उपयोगकर्ता को स्क्रीन पर लगातार निर्भर रहने के बजाय आवाज, कैमरा और AI के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश करते हैं। कंपनियां इन्हें स्मार्टफोन के साथ या उसके संभावित विकल्प के रूप में विकसित कर रही हैं। हालांकि, इन तकनीकों के सामने केवल तकनीकी विकास ही चुनौती नहीं है।
प्राइवेसी बनी बड़ी चिंता
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, कैमरा और माइक्रोफोन से लैस AI डिवाइस को लेकर निजता और सहमति से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। स्मार्ट ग्लास आसपास की तस्वीरें और आवाज रिकॉर्ड करने में सक्षम हो सकते हैं, जिससे दूसरे लोगों की जानकारी उनकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड होने की चिंता सामने आई है।
इसी वजह से कुछ कंपनियां ऐसे डिजाइन पर काम कर रही हैं जिनमें कैमरा न हो या रिकॉर्डिंग के लिए उपयोगकर्ता की स्पष्ट अनुमति जरूरी हो। डेटा को डिवाइस पर ही प्रोसेस करने जैसे तरीकों पर भी जोर दिया जा रहा है।
AI डिवाइस का भविष्य
स्मार्ट ग्लास और अन्य AI वियरेबल्स का विकास अभी जारी है। इनके व्यापक इस्तेमाल के लिए तकनीकी क्षमता के साथ-साथ पारदर्शिता, उपयोगकर्ता की सहमति और निजी डेटा की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दे बने रहेंगे। इसलिए आने वाले समय में AI डिवाइस की सफलता केवल नए फीचर्स पर नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे पर भी निर्भर कर सकती है।



