रायगढ़ में 126.92 करोड़ के विकास कार्यों को गति, चार नए प्रोजेक्ट की घोषणा; शहर की सड़क, बाजार और कनेक्टिविटी पर जोर
रायगढ़। औद्योगिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले रायगढ़ शहर में बुनियादी सुविधाओं और शहरी अधोसंरचना से जुड़े कई कार्यों को नई गति देने की तैयारी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सोमवार को संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग से जुड़े कुल 126.92 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। इस दौरान शहर के लिए करीब 35.63 करोड़ रुपये के चार अतिरिक्त कार्यों की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी दिल्ली से वर्चुअली जुड़े। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्ण हो चुके मकानों के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से चाबियां भी सौंपी गईं।
सड़क और शहरी सुविधाओं पर सबसे ज्यादा जोर
रायगढ़ में घोषित और शुरू किए गए कार्यों की दिशा देखें तो फोकस केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सड़क, जल निकासी, बाजार, सार्वजनिक परिवहन, उद्यान और पेयजल जैसी रोजमर्रा की नागरिक सुविधाओं को इसके केंद्र में रखा गया है।
नगर निगम क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग से सड़क, नाली और उद्यान सहित 28 कार्यों के लिए 10.55 करोड़ रुपये, केवड़ाबाड़ी चौक से मरीन ड्राइव तक कैनाल लिंक रोड के लिए 25.63 करोड़ रुपये और वार्ड क्रमांक 42 में आईएसबीटी निर्माण के लिए 20.75 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं टाउन हॉल में 20 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी का लोकार्पण भी किया गया, जिसकी लागत करीब 2.20 करोड़ रुपये बताई गई है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत करीब 67.80 करोड़ रुपये के चार कार्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक सड़क चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण, दनौट-कया-कमतरा मार्ग का उन्नयन एवं पुल निर्माण, मुकडेगा से करवारजोर सड़क और घरघोड़ा विश्रामगृह से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं।
चार नई घोषणाओं से शहर के अलग-अलग हिस्सों को फायदा
कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख हिस्सा चार अतिरिक्त परियोजनाओं की घोषणा रही। इनके तहत संजय मार्केट के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 15.67 करोड़ रुपये, रामलीला मैदान के विकास, मंच और पवेलियन के लिए 5 करोड़ रुपये, तालाब संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ रुपये और केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाइजेशन कार्य के लिए 9.97 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इन चारों परियोजनाओं की घोषित राशि कुल मिलाकर 35.63 करोड़ रुपये है।
इन परियोजनाओं का महत्व सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है। संजय मार्केट जैसे व्यावसायिक क्षेत्र का उन्नयन स्थानीय व्यापारियों और खरीदारों के लिए सुविधाएं बढ़ाने से जुड़ा है। इसी तरह रामलीला मैदान और तालाब जैसे सार्वजनिक स्थलों का विकास शहर के सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उपयोग को प्रभावित कर सकता है।
औद्योगिक शहर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी क्यों जरूरी?
रायगढ़ की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधियों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में शहर के भीतर बेहतर सड़क नेटवर्क और जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से मजबूत कनेक्टिविटी का सीधा संबंध परिवहन व्यवस्था से है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कार्यक्रम में बताया कि पिछले ढाई वर्षों में रायगढ़ नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपये के कार्यों की स्वीकृति मिली है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में सड़क, भवन और पुल सहित विभिन्न कार्यों के लिए 1,426 करोड़ रुपये की स्वीकृतियों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार रायगढ़ रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और रायगढ़-घरघोड़ा तथा पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन सहित कई सड़क परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है।
यहां सबसे महत्वपूर्ण पहलू परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनका आपसी जुड़ाव है। यदि शहर की आंतरिक सड़कें, कैनाल लिंक रोड, रिंग रोड और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें एक समन्वित नेटवर्क के रूप में विकसित होती हैं, तो आने वाले समय में यातायात दबाव और आवागमन की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
विकास कार्यों की गुणवत्ता अब होगी अहम कसौटी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने रायगढ़ के विकास के लिए राशि की कमी नहीं होने की बात कही और शहर की जरूरत के अनुसार परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का उल्लेख किया।
हालांकि किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज का वास्तविक असर केवल स्वीकृति या भूमिपूजन से तय नहीं होता। परियोजनाओं की समय पर शुरुआत, निर्माण की गुणवत्ता, भूमि संबंधी प्रक्रियाएं, यातायात प्रबंधन और रखरखाव जैसी बातें भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं।
रायगढ़ के लिए आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घोषित परियोजनाएं निर्धारित समय में जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं और उनका लाभ शहर के अलग-अलग इलाकों तक किस तरह पहुंचता है।
रायगढ़ के विकास की दिशा में अगला चरण
सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में एक तरफ पहले से स्वीकृत और पूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाया गया, वहीं दूसरी ओर बाजार, सांस्कृतिक स्थल, जल संरचनाओं और मरीन ड्राइव क्षेत्र से जुड़े नए प्रस्ताव सामने आए। इसके साथ सड़क और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े प्रोजेक्ट भी शहर की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाए जा रहे हैं।



