Asian Games 2026: भारत की महिला हॉकी का गोल-तूफान जारी
काकामिगहारा, जापान: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक बार फिर अपने आक्रमण की ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया है। पूल बी के दूसरे मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया को 17-1 से शिकस्त देकर लगातार दूसरी बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ने अपने शुरुआती मैच में उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया था।
इस मुकाबले की सबसे खास बात सिर्फ 17 गोल नहीं रहे। दीपिका सहरावत, रुतुजा दादासो पिसल और नवनीत कौर—तीनों ने हैट्रिक पूरी की। दीपिका ने अपने पिछले मैच के आठ गोल के बाद इस मुकाबले में तीन और गोल जोड़ दिए।
शुरुआत से ही भारत ने बनाई मैच पर पकड़
भारत ने मुकाबले को लंबा खिंचने नहीं दिया। दीपिका ने आठवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को ड्रैगफ्लिक के जरिए गोल में बदलकर खाता खोला।
इसके बाद भारतीय हमले लगातार इंडोनेशियाई सर्कल में दबाव बनाते रहे। सनलिता टोप्पो ने 11वें मिनट में बढ़त बढ़ाई और लालरेमसियामी ने 13वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।
15वें मिनट में रुतुजा ने रिबाउंड पर गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया। कुछ ही देर बाद लालरेमसियामी ने अपना दूसरा गोल किया और रुतुजा ने 20वें मिनट में एक और गोल जोड़ दिया।
पहले हाफ के खत्म होने तक भारत 9-0 की बढ़त बना चुका था। यानी मुकाबले के शुरुआती 30 मिनट में ही भारतीय टीम ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि अपने आक्रमण की निरंतरता बनाए रखने के इरादे से उतरी है।
दूसरे हाफ में भी नहीं थमा गोलों का सिलसिला
इंडोनेशिया ने तीसरे क्वार्टर में अपना एकमात्र गोल किया, लेकिन इससे मैच का रुख नहीं बदला। भारत ने इसके जवाब में लगातार हमले जारी रखे।
नवनीत कौर ने 35वें मिनट में गोल किया। इसके बाद रुतुजा और दीपिका ने भी स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। अंतिम क्वार्टर में नवनीत ने 56वें और 57वें मिनट में दो गोल और किए, जबकि साक्षी राणा ने भी अपना दूसरा गोल पूरा किया।
भारत ने अंततः मुकाबला 17-1 से अपने नाम किया।
दीपिका का जलवा फिर कायम
दीपिका के लिए यह एशियन गेम्स अब तक बेहद प्रभावशाली रहे हैं। उज्बेकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने आठ गोल दागे थे। वह एक ही एशियन गेम्स मैच में आठ गोल करने वाली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी के रूप में रिकॉर्ड प्रदर्शन कर चुकी हैं।
इंडोनेशिया के खिलाफ तीन और गोल के साथ उन्होंने अपनी मौजूदा गोल-फॉर्म को जारी रखा। हालांकि भारत की इस जीत को केवल दीपिका के प्रदर्शन से जोड़ना पूरी तस्वीर नहीं होगी।
इस मुकाबले में रुतुजा और नवनीत की हैट्रिक भी बताती है कि भारतीय टीम के पास गोल करने के कई विकल्प मौजूद हैं। यही गहराई आगे के कठिन मुकाबलों में टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
स्कोरलाइन से ज्यादा महत्वपूर्ण है टीम का अटैकिंग पैटर्न
लगातार दो मैचों में 19 और 17 गोल करना भारतीय आक्रमण की उत्पादकता को दिखाता है। लेकिन टूर्नामेंट के इस चरण में इन बड़े अंतर वाली जीतों का एक दूसरा पहलू भी है।
आगे बढ़ने पर भारत को ऐसे मुकाबले मिलने की संभावना है जहां प्रतिद्वंद्वी टीम ज्यादा संगठित डिफेंस के साथ खेलेगी और भारतीय सर्कल में जगह बनाना आसान नहीं होगा। ऐसे में पेनल्टी कॉर्नर की गुणवत्ता, फील्ड गोल के लिए मूवमेंट और दबाव के बीच गेंद पर नियंत्रण ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
भारत की मौजूदा टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का मिश्रण है। Hockey India ने एशियन गेम्स के लिए घोषित 20 सदस्यीय टीम में इस संतुलन को रेखांकित किया था। कप्तान सलिमा टेटे टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
अब अगला मुकाबला थाईलैंड से
भारत के पूल बी अभियान में अगला मुकाबला 23 सितंबर को थाईलैंड के खिलाफ निर्धारित है। इसके बाद ग्रुप चरण के नतीजे भारत के आगे के सफर को तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
इसलिए 17-1 की जीत के बाद भारतीय टीम के लिए अगली चुनौती सिर्फ गोल अंतर बढ़ाना नहीं होगी। असली परीक्षा तब होगी जब मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगे और हर मौके को गोल में बदलना कठिन होगा।
भारत की अब तक की महिला हॉकी कहानी
उज्बेकिस्तान के खिलाफ: भारत 19-0 से जीता
इंडोनेशिया के खिलाफ: भारत 17-1 से जीता
दो मैचों में भारत के गोल: 36
दो मैचों में विपक्षी टीम के गोल: 1
इन आंकड़ों से टूर्नामेंट की शुरुआती तस्वीर जरूर मजबूत नजर आती है, लेकिन एशियन गेम्स लंबा अभियान है। ग्रुप स्टेज की बड़ी जीतें टीम को लय और आत्मविश्वास दे सकती हैं, जबकि आगे के मुकाबलों में दबाव को संभालना और मौके का उपयोग करना पदक की दौड़ में निर्णायक भूमिका निभाएगा।



