एशियन गेम्स 2026: भारत फाइनल में, अब श्रीलंका से गोल्ड की जंग
निस्शिन: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान को एक और बड़ी जीत के साथ आगे बढ़ाते हुए बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारत का सामना श्रीलंका से होगा। फाइनल 22 सितंबर को खेला जाएगा।
शेफाली के बल्ले ने बदला मैच का रुख
भारत की जीत की नींव पारी की शुरुआत में ही रख दी गई थी। शेफाली वर्मा ने 49 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाकर मुकाबले को एकतरफा बनाने वाला स्कोर खड़ा किया। उनकी पारी में 9 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। यह एशियन गेम्स क्रिकेट के इतिहास में पहला शतक भी रहा।
शेफाली को स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर का भी अच्छा साथ मिला। मंधाना ने 19 गेंदों पर 37 रन बनाए, जबकि हरमनप्रीत ने 40 रन की उपयोगी पारी खेली। भारत ने 195/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिससे बांग्लादेश के सामने 196 रन का लक्ष्य आया।
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मुकाबले में स्मृति मंधाना ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह महिला T20I क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनीं और इसी पारी के दौरान T20I में 100 छक्के पूरे करने वाली पहली भारतीय महिला भी बनीं।
गेंदबाजों ने बांग्लादेश को संभलने का मौका नहीं दिया
195 रन के जवाब में बांग्लादेश की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर आउट हो गई। नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने तीन-तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की रन बनाने की कोशिशों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
भारत के प्रदर्शन की खास बात यह रही कि जीत सिर्फ एक शानदार बल्लेबाजी पारी पर निर्भर नहीं रही। पहले बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बनाया और फिर गेंदबाजों ने लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को शुरुआती और मध्य ओवरों में ही नियंत्रण में ले लिया। T20 क्रिकेट में यही संतुलन बड़े मुकाबलों में निर्णायक साबित होता है।
फाइनल में श्रीलंका से फिर होगी भिड़ंत
अब भारतीय टीम का सामना फाइनल में श्रीलंका से होगा। दोनों टीमों के बीच हालिया मुकाबले का संदर्भ भी अहम है। भारत ने सितंबर में हुए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था। उस मुकाबले में भारत ने 183/5 का स्कोर बनाया था और श्रीलंका की पारी को 131 रन पर रोककर खिताब अपने नाम किया था।
हालांकि एशियन गेम्स का फाइनल अलग परिस्थितियों में खेला जाएगा। यहां मुकाबले का महत्व केवल एक मैच की जीत तक सीमित नहीं है, क्योंकि दोनों टीमों के सामने स्वर्ण पदक हासिल करने का लक्ष्य होगा। भारत के लिए हालिया सफलता आत्मविश्वास बढ़ाने वाली हो सकती है, जबकि श्रीलंका के पास पिछली भिड़ंत से अलग रणनीति के साथ उतरने का अवसर होगा।
भारत की चुनौती अब सेमीफाइनल की जीत को फाइनल में भी उसी स्तर के प्रदर्शन में बदलने की होगी। शेफाली का आक्रामक अंदाज, मंधाना का अनुभव, हरमनप्रीत की नेतृत्व भूमिका और स्पिन गेंदबाजी का संतुलन टीम की रणनीति में महत्वपूर्ण रह सकता है।
भारत अब गोल्ड मेडल से सिर्फ एक जीत दूर है।



