तिरुपति लड्डू घी मामला
तिरुपति। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को कथित मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब सप्लाई चेन और वित्तीय लेनदेन तक पहुंच गई है। एजेंसी ने Sukriti Foods Pvt. Ltd. के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को 17 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। उन्हें विशाखापत्तनम की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है जो TTD को कथित तौर पर गलत तरीके से घी सप्लाई किए जाने के मामले में चल रही है।
ED का आरोप है कि TTD को ‘Agmark Special Grade Cow Ghee’ के नाम पर जिस उत्पाद की आपूर्ति की गई, उसमें रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलीन और कई अन्य रसायनों के इस्तेमाल से कथित तौर पर मिलावटी घी तैयार किया गया। एजेंसी ने MG-90, मोनोग्लिसराइड्स, Myvacet Soft 400 और Acetic Acid Ester जैसे पदार्थों का भी उल्लेख किया है।
₹230 करोड़ की सप्लाई जांच के घेरे में
मामले का वित्तीय पहलू इसे केवल खाद्य मिलावट के आरोप से आगे ले जाता है। ED के अनुसार 2019 से 2024 के बीच TTD को हुई कथित संदिग्ध घी सप्लाई का मूल्य करीब ₹230 करोड़ था। एजेंसी का आरोप है कि इसमें लगभग ₹96 करोड़ मूल्य का कथित मिलावटी घी मंगला की फैक्ट्री में तैयार किया गया। हालांकि, ये आंकड़े जांच एजेंसी के दावे हैं और अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं।
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जांच एजेंसी ने मंगला पर मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की खरीद और कथित मिलावटी घी के निर्माण में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। ED के मुताबिक, सप्लाई को कुछ अन्य संस्थाओं के माध्यम से भी समन्वित किया गया, जिनमें Sri Vyshnavi Dairy Specialities, Malganga Milk & Agro Products और A.R. Dairy Foods के नाम शामिल हैं।
असली सवाल सिर्फ मिलावट का नहीं
इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू कथित उत्पाद से ज्यादा सप्लाई और रिकॉर्ड की विश्वसनीयता है। ED का आरोप है कि घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से जुड़े ऐसे रिकॉर्ड तैयार किए गए, जिनका उद्देश्य कथित तौर पर वास्तविक कच्चे माल के इस्तेमाल को छिपाना और पूरी प्रक्रिया को असली गाय के घी के उत्पादन जैसा दिखाना था। अगर जांच में ये आरोप साबित होते हैं, तो मामला खाद्य गुणवत्ता से आगे बढ़कर दस्तावेजी और वित्तीय धोखाधड़ी के पहलू तक जाता है।
ED की कार्रवाई मूल रूप से तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार उस FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार जैसे आरोपों की जांच की जा रही है।
इस मामले में ED पहले Bhole Baba Organic Dairy Milk के प्रमोटर और निदेशक विपिन जैन को भी गिरफ्तार कर चुकी है। मंगला की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा कथित आपूर्ति नेटवर्क, कंपनियों के बीच लेनदेन और रिकॉर्ड की भूमिका तक और बढ़ सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में आरोपों की न्यायिक जांच होना बाकी है।



