रायपुर प्रयास स्कूल में 9वीं के छात्र को TC देने का मामला
रायपुर। राजधानी के सड्डू स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं के एक छात्र को टीसी देकर बाहर किए जाने का मामला अब छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सामने पहुंच गया है। छात्र के खिलाफ कथित तौर पर तंत्र क्रिया से जुड़ी गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, छात्र के तंत्र क्रिया में शामिल होने के आरोप की फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हुई है। आयोग ने मामले को जांच के दायरे में लेते हुए सबसे पहले छात्र की पढ़ाई बाधित न होने को प्राथमिकता दी है।
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मामला तब सामने आया जब छात्र के पालक की ओर से शिकायत की गई कि बच्चे को विद्यालय से बाहर कर टीसी जारी कर दी गई और कार्रवाई की पर्याप्त जानकारी उन्हें नहीं दी गई। शिकायत में मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रकरण का संज्ञान लिया।
स्कूल प्रबंधन ने व्यवहार को लेकर जताई आपत्ति
मीडिया में सामने आए स्कूल पक्ष के अनुसार, छात्र के व्यवहार और हॉस्टल में उसकी कुछ गतिविधियों को लेकर चिंता थी। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि छात्र कथित रूप से अंधेरे में बैठता था और कमरे में आकृतियां बनाता था, जिससे कुछ अन्य छात्र डर गए। इस संबंध में काउंसलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है।
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लेकिन यही वह बिंदु है जहां जांच का महत्व बढ़ जाता है। किसी बच्चे का असामान्य व्यवहार, अकेले रहना या चित्र बनाना अपने आप में किसी तांत्रिक गतिविधि का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस मामले में यह देखना जरूरी होगा कि स्कूल के पास कार्रवाई के लिए क्या ठोस तथ्य, रिकॉर्ड और प्रक्रिया संबंधी आधार मौजूद थे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
बाल आयोग ने पढ़ाई रोकने से किया इनकार
आयोग ने टीसी निरस्त कर छात्र की पढ़ाई दोबारा जारी रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। साथ ही सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक एवं लिखित रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय होने तक छात्र की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए।
आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) और धारा 14 के तहत मामले का संज्ञान लिया है। यह कदम इस बात को रेखांकित करता है कि बच्चे से जुड़े विवाद में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ उसके शिक्षा संबंधी हितों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
21 सितंबर को सामने आएगा स्कूल का पक्ष
मामले की अगली महत्वपूर्ण तारीख 21 सितंबर 2026 है। आयोग ने प्रयास विद्यालय के प्राचार्य और अधीक्षक को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय की आपातकालीन खंडपीठ के समक्ष उपस्थित होने और संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। जांच में टीसी जारी करने की परिस्थितियों, छात्र के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार और अपनाई गई प्रक्रिया जैसे पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
यह मामला केवल एक छात्र की टीसी तक सीमित नहीं है। आवासीय विद्यालयों में अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी शिकायत या असामान्य व्यवहार से जुड़े मामले में तथ्यपरक जांच, अभिभावकों की जानकारी और बच्चे के शैक्षणिक हित भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।



