अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 138 किलो गांजा बरामद किया है। लुंड्रा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, गांजा एक स्कॉर्पियो वाहन में रखा हुआ था।
ओडिशा से गांजा लाने की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस को गांजा तस्करी की सूचना मिलने के बाद सरगुजा और जशपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि स्कॉर्पियो के जरिए गांजे की खेप लाई जा रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, तस्करी में इस्तेमाल स्कॉर्पियो को एक अन्य वाहन से पायलटिंग भी दी जा रही थी। पुलिस टीम ने बरगीडीह क्षेत्र के पास घेराबंदी की तो स्कॉर्पियो सवार लोग वाहन छोड़कर भागने लगे।
गन्ने के खेत में छिपे थे आरोपी
पुलिस को देखकर वाहन में सवार तीन लोग गन्ने के खेत की ओर भाग गए। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के खेतों में कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा।
मीडिया रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी अजय बंसल और बलराज सिंह के रूप में बताई गई है। फरार आरोपी की पहचान अमन के रूप में सामने आई है। हालांकि, उसके संबंध में पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
स्कॉर्पियो से 138 किलो गांजा जब्त
पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी के दौरान 138 किलोग्राम गांजा बरामद किया। तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गांजे की खेप ओडिशा से लाई जा रही थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा कहां पहुंचाया जाना था और इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
NDPS Act के तहत कार्रवाई
मामले में आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (NDPS) Act के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई नेटवर्क और उनके संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
फरार आरोपी की तलाश भी जारी है। पुलिस वाहन के मालिकाना हक, गांजे के स्रोत और खेप के संभावित गंतव्य की जांच कर रही है।
13 सितंबर को हुई कार्रवाई
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पुलिस कार्रवाई 13 सितंबर 2026 को हुई थी। कुछ समाचार माध्यमों ने खबर को 13 सितंबर की शाम और कुछ ने 14 सितंबर को प्रकाशित या अपडेट किया है।
बरामद गांजे की कीमत को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्न आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसलिए बिना आधिकारिक पुलिस दस्तावेज के किसी निश्चित कीमत को खबर में तथ्य के रूप में देना उचित नहीं है।
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