नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की। ईरानी राष्ट्रपति भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान भारत और ईरान के लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जनस्तरीय जुड़ाव तथा पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की जरूरत को लेकर चर्चा हुई। राष्ट्रपति मुर्मू ने BRICS की भारत की अध्यक्षता के दौरान ईरान के सहयोग की भी सराहना की।
राष्ट्रपति भवन में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मसूद पेजेश्कियन का भारत में स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के स्तर पर मजबूत संपर्क द्विपक्षीय रिश्तों की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। भारत और ईरान के संबंध केवल राजनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध भी लंबे समय से रहे हैं।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी यात्रा के दौरान भारत और ईरान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने तथा आपसी संबंधों को और मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिला।
BRICS में ईरान के सहयोग की राष्ट्रपति मुर्मू ने की सराहना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान ईरान की ओर से मिले सहयोग की सराहना की। ईरान BRICS में शामिल देशों में से एक है और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए हैं। सम्मेलन के दौरान वैश्विक आर्थिक सहयोग, बहुपक्षीय व्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सदस्य तथा भागीदार देशों के बीच विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में भारत और ईरान के बीच मौजूद व्यापक संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के लिए ऊर्जा, व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्र लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में उच्चस्तरीय बैठकों को द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर देखा जा रहा है।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर भारत का रुख दोहराया। उन्होंने क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों के बीच संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए विवादों के समाधान की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और बातचीत के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने की वकालत करता रहा है।
भारत और ईरान के संबंध रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, समुद्री संपर्क, संस्कृति और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग के कई आयाम हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी उनकी द्विपक्षीय बातचीत हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक ईरानी हॉल पहुंचे पेजेश्कियन
भारत यात्रा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक ईरानी हॉल का भी दौरा किया, जिसे अशोक मंडप के नाम से भी जाना जाता है। राष्ट्रपति भवन परिसर में मौजूद यह स्थान भारत और ईरान के बीच पुराने सांस्कृतिक संबंधों की झलक प्रस्तुत करता है। हॉल में मौजूद फारसी कला और ऐतिहासिक कलाकृतियां दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संपर्क को दर्शाती हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू और मसूद पेजेश्कियन की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत BRICS की मेजबानी कर रहा है और वैश्विक तथा क्षेत्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है। ऐसे में भारत-ईरान संबंधों, क्षेत्रीय शांति और बहुपक्षीय सहयोग को लेकर दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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