अंबिकापुर || अंबिकापुर में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का भारी बकाया हो गया है, जिसकी रकम 15 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने बकाया वसूली के लिए सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेश भर में सरकारी विभागों पर कुल 3035 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है, जिसमें अंबिकापुर और सरगुजा संभाग का भी बड़ा हिस्सा है। बिजली कंपनी ने 11 सितंबर से बकायेदार सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कई सरकारी कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगाने की भी कार्रवाई की जा रही है।
अंबिकापुर सरकारी विभागों पर 15 करोड़ का बिजली बिल बकाया
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने की समस्या गंभीर रूप से उभर कर सामने आई है। अंबिकापुर जिले में विभिन्न सरकारी विभागों, नगर पालिका, पंचायत और अन्य शासकीय संस्थानों पर कुल मिलाकर लगभग 15 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
यह बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे बिजली कंपनी CSPDCL को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक पूरे प्रदेश में सरकारी विभागों पर 3035.37 करोड़ रुपये का बकाया है।
CSPDCL की सख्ती: 11 सितंबर से कनेक्शन काटने की कार्रवाई
बकाया वसूली के लिए CSPDCL ने सख्त रुख अपनाया है। 11 सितंबर 2026 से रायपुर और आसपास के जिलों में बकायेदार सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में सरकारी कार्यालयों की बिजली काटने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सरकारी स्कूलों, भवनों और हॉस्टलों की वसूली के लिए बिजली काटी जाएगी। प्री-पेड सिस्टम शुरू करने की भी कवायद की जा रही है।
प्रदेश भर में 3035 करोड़ का बकाया
छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों का कुल बकाया विवरण इस प्रकार है:
कुल बकाया: 3035.37 करोड़ रुपये
विभागवार बकाया:
नगरीय प्रशासन विभाग: 1525.18 करोड़ रुपये
पंचायत एवं ग्रामीण विकास: 1057.56 करोड़ रुपये
अन्य सरकारी कनेक्शन: 452.63 करोड़ रुपये
सरकारी कनेक्शनों की संख्या: 1 लाख 57 हजार 341
अंबिकापुर में प्रभावित विभाग
अंबिकापुर जिले में निम्नलिखित सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया है:
नगर पालिका निगम अंबिकापुर
जिला पंचायत सरगुजा
शासकीय स्कूल और कॉलेज
स्वास्थ्य विभाग के अस्पताल
पुलिस विभाग
अन्य शासकीय कार्यालय
प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान
CSPDCL ने बकाया वसूली के लिए सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू करने का अभियान शुरू किया है। कई सरकारी कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर लगा दिए गए हैं, जबकि कई के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए गए हैं।
प्रीपेड मीटर के तहत विभागों को पहले से रिचार्ज कराना होगा, नहीं तो बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। यह व्यवस्था भविष्य में बकाया न बढ़ने के लिए लागू की जा रही है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
बढ़ती बिजली दरों और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने चिरमिरी बिजली कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:
स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक
लगे स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने मीटर बहाल करना
गड़बड़ बिजली बिलों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाना
बिजली नेटवर्क का तेजी से विस्तार
बढ़ाई गई बिजली दरों को वापस लेना
बस्तर में 439 कनेक्शन काटे
बस्तर संभाग में भी बिजली विभाग ने सख्ती दिखाई है। वहां 439 शासकीय कनेक्शनों को विच्छेदित किया गया है। इन कनेक्शनों पर कुल 1 करोड़ 28 लाख 53 हजार 998 रुपये की बकाया राशि थी।
बिजली कंपनी के अभियान के तहत बस्तर में 13.67 लाख रुपये की वसूली की गई है, लेकिन फिर भी सरकारी विभागों पर 172 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बना हुआ है।
रायपुर में 441 नोटिस
रायपुर जिले में 441 सरकारी कनेक्शनों को नोटिस जारी किया गया है। अकेले रायपुर जिले में सरकारी कार्यालयों पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। इसमें करीब 80 करोड़ रुपये का बकाया रायपुर नगर निगम से जुड़ा है।
धमतरी के रजिस्ट्री दफ्तर का पावर कट किया जा चुका है। सहकारिता विभाग पर 3.31 करोड़ रुपये का बकाया है।
स्थानीय प्रभाव और आगे की कार्रवाई
अंबिकापुर और सरगुजा संभाग में इस कार्रवाई का असर देखने को मिलेगा। कई सरकारी कार्यालयों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बिजली कंपनी का कहना है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
अंबिकापुर सरकारी विभागों पर 15 करोड़ का बिजली बिल बकाया: नागरिकों के लिए सलाह
सरकारी कार्यालयों में:
जरूरी काम पहले से निपटा लें
वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी रखें
बिजली विभाग के संपर्क में रहें
बकाया भुगतान के लिए:
संबंधित विभाग बकाया राशि का भुगतान करें
किश्तों में भुगतान की व्यवस्था करें
प्रीपेड मीटर लगवाएं
जरूरी नंबर:
CSPDCL हेल्पलाइन: 1912
अंबिकापुर बिजली कार्यालय: 07774-220234
शिकायत निवारण: 1800-233-3330
FAQs
1. अंबिकापुर में सरकारी विभागों पर कितना बिजली बिल बकाया है?
अंबिकापुर जिले में सरकारी विभागों पर लगभग 15 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
2. CSPDCL ने कब से कनेक्शन काटने शुरू किए?
11 सितंबर 2026 से बकायेदार सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
3. पूरे छत्तीसगढ़ में कितना बकाया है?
पूरे प्रदेश में सरकारी विभागों पर 3035.37 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
4. कौन से विभागों पर सबसे ज्यादा बकाया है?
नगरीय प्रशासन विभाग पर 1525.18 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास पर 1057.56 करोड़ रुपये का बकाया है।
5. प्रीपेड मीटर क्यों लगाया जा रहा है?
भविष्य में बकाया न बढ़े और समय पर भुगतान हो, इसलिए प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान चलाया जा रहा है।
निष्कर्ष
अंबिकापुर सरकारी विभागों पर 15 करोड़ का बिजली बिल बकाया एक गंभीर समस्या है। CSPDCL ने 11 सितंबर से कनेक्शन काटने की सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरे प्रदेश में 3035 करोड़ से अधिक का बकाया है। प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान भी चल रहा है। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर और बढ़ती दरों का विरोध किया है। सरकारी विभागों को बकाया राशि का भुगतान करना होगा, नहीं तो बिजली आपूर्ति प्रभावित होती रहेगी।
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