अंबिकापुर/बतौली, 11 सितंबर 2026। अंबिकापुर महिला सरपंच सर्पदंश की घटना ने सरगुजा जिले के बतौली क्षेत्र में लोगों को झकझोर दिया। जमीन पर अपने पति के साथ सो रही महिला सरपंच जगरमती पैकरा को रात करीब 2:30 बजे करैत सांप ने डस लिया। पेट में मरोड़ की शिकायत के बाद जब उनके पति ने मालिश की, तब सर्पदंश का निशान दिखाई दिया। कमरे में करैत सांप भी मिला। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अंबिकापुर महिला सरपंच सर्पदंश की घटना कैसे हुई?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जगरमती पैकरा अपने पति विशुन पैकरा के साथ जमीन पर बिस्तर लगाकर सो रही थीं। बताया गया है कि घर में मेहमान आए हुए थे, इसलिए उन्होंने अपना बिस्तर मेहमानों को दे दिया था और खुद जमीन पर सो गए थे।
रात करीब 2:30 बजे जगरमती ने पेट में मरोड़ और दर्द की शिकायत की। शुरुआत में परिवार को इसका कारण पता नहीं चला। उनके पति ने पेट पर मालिश की, जिसके बाद शरीर पर सांप के डसने का निशान दिखाई दिया।
इसके बाद परिजनों को सर्पदंश की आशंका हुई और कमरे में सांप की तलाश की गई।
कमरे में मिला करैत सांप, टब से ढककर रखा
जगरमती के शरीर पर सर्पदंश का निशान मिलने के बाद परिजनों ने कमरे की जांच की। इसी दौरान उन्हें करैत सांप दिखाई दिया।
परिजनों ने सांप को पकड़ने या मारने के बजाय उसे टब से ढक दिया। इसके बाद महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई।
सांप को पकड़ने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में सांप से दूरी बनाए रखना और मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाना अधिक महत्वपूर्ण है।
पहले बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए
सर्पदंश के बाद परिजन जगरमती पैकरा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया और एंटी-स्नेक वेनम दिया।
इसके बाद उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। परिजन उन्हें रात में ही अंबिकापुर लेकर रवाना हुए।
मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
बतौली से जगरमती पैकरा को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्टों में डॉक्टरों के हवाले से बताया गया कि सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। हालांकि, मृत्यु के आधिकारिक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि मेडिकल रिकॉर्ड या पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही की जानी चाहिए।
करैत सांप का जहर कितना खतरनाक होता है?
करैत सांप का जहर शरीर के तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण कमजोरी, पलकें झुकना, बोलने में परेशानी, निगलने में कठिनाई और सांस लेने में समस्या जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
करैत के डसने की एक गंभीर बात यह भी है कि कई मामलों में शुरुआत में तेज दर्द या अधिक सूजन नहीं दिखाई देती। इसके कारण सर्पदंश का पता चलने में देरी हो सकती है।
रात के समय जमीन पर सोने वाले लोगों में बारिश के मौसम के दौरान सर्पदंश का खतरा बढ़ सकता है। अचानक कमजोरी, असामान्य नींद, सांस लेने में परेशानी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर सर्पदंश की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सर्पदंश की पहचान में हुई देरी बनी चिंता का कारण
इस मामले में शुरुआत में जगरमती को पेट में मरोड़ की शिकायत हुई थी। बाद में उनके पति को शरीर पर सर्पदंश का निशान दिखाई दिया और कमरे में करैत सांप भी मिला।
सर्पदंश के मामलों में उपचार शुरू होने में देरी गंभीर परिणाम का खतरा बढ़ा सकती है। सांप दिखाई न देने की स्थिति में भी संदिग्ध लक्षण होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसने की कोशिश करना, झाड़-फूंक करना या कसकर रस्सी बांधना खतरनाक हो सकता है। मरीज को कम से कम हिलाते-डुलाते हुए जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए जहां आवश्यक उपचार और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हों।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा
बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों के घरों के आसपास आने की संभावना बढ़ सकती है। पानी भरने, बिलों में पानी जाने और मौसम में बदलाव के कारण सांप लकड़ी के ढेर, अनाज रखने की जगह, घास और बिस्तर के आसपास दिखाई दे सकते हैं।
जमीन पर सोने वाले परिवारों को सोने से पहले बिस्तर, चादर, तकिया और कमरे के कोनों की जांच करनी चाहिए।
घर के आसपास घास, लकड़ी, ईंट और कबाड़ का ढेर नहीं लगाना चाहिए। दरवाजों और खिड़कियों के नीचे मौजूद खाली जगह को बंद रखने से भी सांपों के घर में प्रवेश की संभावना कम की जा सकती है।
महिला सरपंच के निधन से गांव में शोक
जगरमती पैकरा स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि थीं। उनके निधन के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, वह क्षेत्र के लोगों से जुड़ी रहती थीं और पंचायत से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती थीं। अचानक हुई इस घटना से ग्रामीणों में भी दुख है।
स्थानीय लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के उपचार की व्यवस्था और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की सुविधा मजबूत करने की जरूरत बताई है।
सर्पदंश के बाद तुरंत क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को सांप डस ले तो सबसे जरूरी है कि घबराने के बजाय मरीज को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- मरीज को शांत रखें और कम से कम हिलाएं।
- काटे गए अंग को स्थिर रखें।
- तुरंत 108 या स्थानीय आपातकालीन सेवा को सूचना दें।
- मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं।
- सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
- सुरक्षित दूरी से तस्वीर लेना संभव हो तो ही लें।
- घाव पर चीरा न लगाएं।
- जहर चूसने की कोशिश न करें।
- शराब या घरेलू उपचार पर निर्भर न रहें।
- झाड़-फूंक के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी न करें।
मरीज को अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण है। सांप की पहचान के लिए अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय डॉक्टरों को मरीज के लक्षण और चिकित्सकीय जांच के आधार पर उपचार करने देना चाहिए।
एंटी-स्नेक वेनम से कैसे होता है इलाज?
सर्पदंश के मरीज को अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में एंटी-स्नेक वेनम दिया जा सकता है। उपचार के दौरान मरीज की सांस, रक्तचाप, नाड़ी और अन्य महत्वपूर्ण संकेतों पर नजर रखी जाती है।
कुछ गंभीर मामलों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर या आईसीयू जैसी सुविधाओं की जरूरत पड़ सकती है। करैत के जहर से सांस लेने वाली मांसपेशियां प्रभावित होने पर तत्काल श्वसन सहायता की आवश्यकता हो सकती है।
इसी वजह से सर्पदंश के मरीज को ऐसे अस्पताल ले जाना जरूरी है जहां प्रशिक्षित चिकित्सक, एंटी-स्नेक वेनम और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
परिवार के लिए आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
मृत्यु के बाद अस्पताल और पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसमें मेडिकल रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाण और जरूरत पड़ने पर पोस्टमार्टम जैसी प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
सर्पदंश से मृत्यु की स्थिति में परिवार सरकारी राहत या मुआवजे के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है।
मुआवजे की पात्रता और राशि संबंधित राज्य सरकार के नियमों पर निर्भर करती है। परिवार को जिला प्रशासन या तहसील कार्यालय से आधिकारिक जानकारी लेनी चाहिए।
FAQs
1. महिला सरपंच की मौत कैसे हुई?
बतौली क्षेत्र में जमीन पर सोते समय महिला सरपंच जगरमती पैकरा को करैत सांप ने डस लिया। इलाज के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
2. घटना किस समय हुई?
परिजनों के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे जगरमती ने पेट में मरोड़ और दर्द की शिकायत की। मालिश के दौरान सर्पदंश का निशान दिखाई दिया।
3. क्या सांप की पहचान हुई थी?
हां, कमरे में करैत सांप दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। परिजनों ने उसे टब से ढक दिया था।
4. महिला को कहां इलाज के लिए ले जाया गया?
सबसे पहले जगरमती पैकरा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली ले जाया गया। वहां एंटी-स्नेक वेनम देने के बाद उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।
5. सर्पदंश के बाद क्या करना चाहिए?
मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। उसे शांत रखें और घरेलू उपचार, झाड़-फूंक, घाव काटने या जहर चूसने जैसी कोशिश नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष
अंबिकापुर के बतौली क्षेत्र में महिला सरपंच जगरमती पैकरा की करैत सांप के डसने से मौत हो गई। रात करीब 2:30 बजे पेट में मरोड़ की शिकायत के बाद उनके पति ने मालिश की, तब सर्पदंश का निशान दिखाई दिया। कमरे में करैत सांप मिलने के बाद परिजनों ने उसे टब से ढक दिया और जगरमती को पहले बतौली अस्पताल ले गए। वहां एंटी-स्नेक वेनम देने के बाद उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह घटना बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत को सामने लाती है।
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