जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव में करीब दो महीने पहले हुई अमित भंडारी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में अमित की पूर्व प्रेमिका संतोषी सिंह और उसके दो भाइयों बजरंग सिंह व पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 27 जून की रात प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के दौरान अमित पर फावड़े से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को छिपाकर खेत के पास फेंक दिया था। SIT और फॉरेंसिक जांच की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
कोसा गांव में मिला था अमित का शव
पुलिस के मुताबिक, अमित भंडारी 27 जून की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घर से निकला था। उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और मामले की जानकारी पुलिस को दी। 29 जून को कोसा गांव के एक खेत और निर्जन स्थान के पास अमित का शव बरामद हुआ।
शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत हुआ। पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के आधार पर मृतक के परिजनों ने उसकी विवाहित प्रेमिका पर संदेह जताया। हालांकि, उस समय हत्या की वजह और आरोपियों के बारे में पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने विशेष जांच टीम गठित की। यह टीम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. युलंदन यार्क के नेतृत्व में बनाई गई थी। मुलमुला पुलिस के साथ SIT ने गांव में पूछताछ, घटनास्थल का निरीक्षण और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की।
#अंधे कत्ल की जांच में SIT की भूमिका
अमित भंडारी की हत्या को पुलिस ने अंधे कत्ल के रूप में लिया था, क्योंकि शुरुआत में वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया था। पुलिस ने प्रेम प्रसंग, पुराने विवाद और घटना से जुड़े अन्य संभावित कारणों की अलग-अलग दिशा में जांच की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों को दोबारा खंगाला। बिलासपुर से बुलाए गए ‘विमला’ नामक ट्रैकर डॉग ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार, स्निफर डॉग घटनास्थल से संतोषी सिंह के घर के पीछे तक पहुंचा। वहां दीवार पर खून के निशान भी पाए गए।
इन सुरागों के आधार पर पुलिस का संदेह संतोषी सिंह और उसके परिवार के सदस्यों पर गहराया। इसके बाद वैज्ञानिक जांच और पूछताछ का सहारा लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संतोषी का ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया। इन प्रक्रियाओं और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
प्रेम प्रसंग को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि अमित भंडारी और संतोषी सिंह के बीच शादी से पहले से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रहने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 27 जून की देर रात अमित संतोषी से मिलने उसके घर पहुंचा था।
इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह दोनों को एक साथ देख लेने के बाद नाराज हो गया। इसके बाद अमित और बजरंग के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के अनुसार, इसी झड़प में अमित का सिर दीवार से टकरा गया।
बताया गया है कि अमित ने वहां से भागने की कोशिश की। इसी दौरान बजरंग सिंह ने पास रखे फावड़े से उस पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण अमित की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए फावड़े को भी जब्त किए जाने की जानकारी दी है। मामले की आगे की जांच में फॉरेंसिक परीक्षण की प्रक्रिया भी शामिल है।
शव छिपाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, अमित की मौत के बाद आरोपियों ने शव को तत्काल घटनास्थल पर नहीं छोड़ा। पहले शव को झाड़ियों में छिपाया गया। इसके बाद अगली रात दोनों भाइयों ने मिलकर शव को खेत के पास फेंक दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि बजरंग सिंह ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। वह मृतक के भाई के साथ थाने पहुंचा और अमित की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में शामिल रहा। इससे शुरुआती जांच में पुलिस के सामने मामला और जटिल हो गया।
हालांकि, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, ट्रैकर डॉग की मदद और वैज्ञानिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिलने का दावा किया गया। इसके बाद संतोषी सिंह, बजरंग सिंह और पप्पू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के आरोप में संतोषी सिंह और उसके दोनों भाइयों बजरंग सिंह तथा पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि बजरंग सिंह से आगे पूछताछ और फॉरेंसिक जांच के लिए पुलिस रिमांड लिया गया है।
मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में किसकी क्या भूमिका थी। घटनास्थल, घर के पीछे की दीवार, शव मिलने वाले स्थान और जब्त सामग्री की वैज्ञानिक जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट को केस का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। अदालत में आरोपों को साबित करने के लिए पुलिस घटनाक्रम, बरामदगी, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल करेगी।
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जांच टीम को मिलेगा पुरस्कार
अमित भंडारी हत्याकांड की जांच करीब दो महीने तक चुनौती बनी रही। मामले में आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे और हत्या का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SIT को जांच में लगाया गया।
SIT और मुलमुला पुलिस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ संदिग्धों से पूछताछ की। ट्रैकर डॉग और फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद से जांच को दिशा मिली। पुलिस ने दावा किया है कि टीम की सटीक जांच के कारण आरोपियों की योजना सामने आ सकी।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली जांच टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी सतर्कता
कोसा गांव की घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि हत्या जैसे मामलों में शुरुआती सुरागों को सुरक्षित रखना और वैज्ञानिक जांच करना कितना महत्वपूर्ण है। घटनास्थल से मिले छोटे-से-छोटे साक्ष्य भी जांच की दिशा बदल सकते हैं।
पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं को अदालत के सामने रखने की तैयारी कर रही है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
FAQs
1. जांजगीर के कोसा गांव में किसकी हत्या हुई थी?
कोसा गांव में अमित भंडारी नाम के युवक की हत्या हुई थी। उसका शव 29 जून को गांव के एक खेत और निर्जन स्थान के पास मिला था।
2. हत्या के मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने संतोषी सिंह और उसके दो भाइयों बजरंग सिंह व पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया है।
3. हत्या की वजह क्या बताई गई है?
पुलिस जांच के अनुसार, अमित और संतोषी के पुराने प्रेम संबंध को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान अमित पर फावड़े से हमला किया गया।
4. पुलिस आरोपियों तक कैसे पहुंची?
जांच में ट्रैकर डॉग, घटनास्थल से मिले खून के निशान, वैज्ञानिक परीक्षण और पूछताछ से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
5. क्या मामले की जांच पूरी हो गई है?
हत्या का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन फॉरेंसिक जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
निष्कर्ष
जांजगीर-चांपा के कोसा गांव में अमित भंडारी की हत्या का मामला करीब दो महीने बाद सुलझा है। पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के बाद अमित पर फावड़े से हमला किया गया और बाद में शव को छिपाकर दूसरी जगह फेंक दिया गया। ट्रैकर डॉग, फॉरेंसिक साक्ष्य और SIT की जांच से संतोषी सिंह और उसके दोनों भाइयों की गिरफ्तारी हुई। अब अदालत में मामले की आगे की सुनवाई और साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच टीम को पुरस्कार देने की घोषणा से पुलिस अधिकारियों ने वैज्ञानिक और टीम आधारित जांच को प्रोत्साहन देने का संकेत दिया है।



