रोज पैदल चलना फिट रहने का सबसे आसान तरीका माना जाता है. न कोई महंगा जिम, न कोई ट्रेनर बस जूते पहने और निकल गए. दिल की सेहत दुरुस्त रखने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और तनाव घटाने में वॉकिंग बेहद मददगार है, लेकिन क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि आप हर दिन नियम से टहल रहे हैं, फिर भी न तो वजन घट रहा है और न ही शरीर में कोई खास फर्क नजर आ रहा है? अगर हां, तो गलती आपकी इस आदत में नहीं, बल्कि आपके चलने के तरीके में है. सिर्फ कदम बढ़ा लेने भर से वजन कम नहीं होता. जब तक सही रफ्तार, सही समय और खान-पान का संतुलन न हो, तब तक मेहनत का फल पूरा नहीं मिलता.
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चलिए जानते हैं, कहां हो रही है गलती?
टहलने की रफ्तार:
आराम से चलना शरीर को एक्टिव रखने के लिए अच्छा है, लेकिन वजन घटाने के लिए काफी नहीं. अगर आप टहलते समय बहुत धीरे चलते हैं, तो कैलोरी बहुत कम बर्न होगी. वॉकिंग ऐसी होनी चाहिए कि आपकी सांस थोड़ी तेज चले और दिल की धड़कन बढ़े इतनी भी नहीं कि दम फूलने लगे, लेकिन इतनी जरूर कि बोलते वक्त थोड़ी मेहनत लगे.
जरूरत से कम समय देना:
दिनभर में सिर्फ 5 से 10 मिनट टहल लेना शुरुआत के लिए तो ठीक है, लेकिन इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. अगर वजन पर असर देखना है, तो वॉक का समय धीरे-धीरे बढ़ाना होगा. हर हफ्ते अपनी वॉक में 5 से 10 मिनट जोड़ें. अगर एक बार में लंबा चलना मुश्किल लगता है, तो दिन में दो-तीन बार में इसे पूरा करें.



