MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने 12 साल पुराने मामले में आदेश की अनदेखी करने पर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने कलेक्टर के पुराने आदेश को रद्द करते हुए संबंधित अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. राजस्व मंडल ने मई 2014 में आदेश पारित किया था. इसके बाद किसी भी अदालत से अंतरिम राहत या आदेश पर स्टे नहीं मिला था. इसके बाद हाई कोर्ट ने 7 जुलाई 2025 को संबंधित अधिकारियों को 45 दिनों के अंदर आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा था. लेकिन इसके बावजूद हाई कोर्ट के निर्देशों पर तामील नहीं किया गया.
‘देरी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है’
पूरा मामला एडवेंचर वाइल्ड लाइफ रिजॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा हुआ है. मामले में राजस्व मंडल ने 20 मई 2014 में आदेश पारित किया था. इसके बाद 7 जुलाई 2025 को भी कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 45 दिन में आदेश का पालन करने के निर्देश दिए थे. लेकिन इसके बावजूद कुछ नहीं किया गया. पूरे मामले पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में इस तरह की देरी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है.
27 फरवरी 2026 को कलेक्टर ने आदेश जारी किया
जुलाई 2025 में होई कोर्ट के निर्देश के बावजूद कलेक्टर ने 27 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर दिया. इसमें कलेक्टर ने स्पष्ट करने के लिए कहा कि कहीं कोई अपील लंबित तो नहीं है. इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कलेक्टर का आदेश भी रद्द कर दिया. साथ ही संबंधित अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है.






