Sudip Bandyopadhyay: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है. टीएमसी की अंदरुनी कलह सुर्खियां बनी हुई हैं. विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद घमासान जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और भरोसेमंद सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने बगावती सुर अपना लिए हैं और बागी खेमे का हाथ थाम लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विद्रोही खेमा सोमवार (15 जून) को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकता है.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से की मुलाकात
सुदीप बंदोपाध्याय ने बागी गुट में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके साथ टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय मौजूद रहीं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की. आज तक की रिपोर्ट के अनुसार बागी खेमे की ओर से कहा जा रहा है कि वे चाहते हैं कि लोकसभा में विद्रोही गुट की कमान सुदीप बंदोपाध्याय ही संभालें.
‘असली टीएमसी’ का दावा पेश करेंगे
ममत बनर्जी सरकार में मंत्री रहे मानस भूनिया ने भी शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. विद्रोही गुट के सांसद जगदीश चंद्र बसूनिया ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंप दिया है. उनके पास जाकर ‘असली टीएमसी’ का दावा पेश करेंगे. संसदीय दल के तौर पर खुद का पक्ष रखेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस दावे को कानूनी मान्यता के लिए पक्ष रखेंगे.
सौगत रॉय हुए भावुक
TMC के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने इस दलबदल पर बेहद भावुक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वे सुदीप बंदोपाध्याय के इस कदम से बेहद आहत हुए हैं. उनसे 3-4 दिन पहले बात हुई थी. उस समय उन्होंने कहा था कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं. दरअसल, लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं, जिसमें से 20 सांसदों ने बगावती सुर अपना लिया है.





