रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित 40 दिवसीय ‘सुशासन तिहार’ अभियान का समापन सकारात्मक परिणामों के साथ हुआ है। राज्यभर में लगाए गए 1286 शिविरों के माध्यम से नागरिकों से कुल 6.43 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इनमें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रमाणपत्रों, राजस्व मामलों और अन्य प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े आवेदन शामिल रहे। सरकार ने इसे जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद का प्रभावी माध्यम बताया है।
अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों में केवल लगभग 26 हजार शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि अधिकांश आवेदन विभिन्न योजनाओं के लाभ और सेवाओं से संबंधित थे। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोगों का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है और समस्याओं के समाधान के लिए शिविरों को अच्छा प्रतिसाद मिला है। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार, सुशासन तिहार का उद्देश्य प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाना और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी सीधे लोगों से मिले और उनकी मांगों व शिकायतों को सुना। सरकार का दावा है कि इस पहल से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंतोष में वृद्धि हुई है, जिससे सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।



