जिले के अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खून की कमी (एनीमिया) से पीड़ित एक युवती की कथित तौर पर समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवती की हालत लगातार बिगड़ रही थी और डॉक्टरों ने तत्काल रक्त चढ़ाने की सलाह दी थी, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
परिजनों के अनुसार, वे कई घंटों तक रक्त की व्यवस्था के लिए भटकते रहे, लेकिन मदद नहीं मिल सकी। युवती की हालत नाजुक होने के बावजूद आवश्यक उपचार में देरी हुई, जिसके चलते उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया तथा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाए गए।
मामले के सामने आने के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और रक्त उपलब्धता व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने घटना की जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, लोगों ने अस्पतालों में रक्त भंडारण और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


