भारत के विदेश मंत्रालय ने म्यांमार को एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश बताते हुए कहा है कि म्यांमार के राष्ट्रपति Min Aung Hlaing का भारत दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा। मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और Myanmar के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश सीमा सुरक्षा, विकास परियोजनाओं और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में लगातार मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति ह्लाइंग की यात्रा से इन साझेदारियों को और विस्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही, क्षेत्रीय स्थिरता, सीमा पार संपर्क और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होने की संभावना है। सरकार को उम्मीद है कि उच्चस्तरीय वार्ताओं से दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ेगा।


