भारतीय रेलवे ने वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों पर बढ़ती पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे ड्रोन और हाईटेक निगरानी प्रणाली के जरिए ट्रेनों की सुरक्षा पर नजर रखेगा। बताया जा रहा है कि रेलवे की यह निगरानी व्यवस्था करीब 10 किलोमीटर तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम होगी। इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं पर रोक लगाना है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कई राज्यों में वंदे भारत और अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था। अब संवेदनशील रूटों पर ड्रोन कैमरे और आधुनिक सर्विलांस तकनीक की मदद से निगरानी की जाएगी। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी जाएगी।
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रेलवे का मानना है कि नई तकनीक से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि सफर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।


