केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने पीडीएस सुधार और डिजिटलीकरण परियोजनाओं के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है, ताकि पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न का लाभ आसानी से पहुंच सके।
कैबिनेट के फैसले के तहत राशन दुकानों में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट उपकरण और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण, ऑनलाइन ट्रैकिंग और आधार आधारित सत्यापन जैसी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और गरीबों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार ने कहा कि इस योजना से देशभर के करोड़ों राशन कार्डधारकों को फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, पीडीएस के आधुनिकीकरण से खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्यों की व्यवस्था भी अधिक सक्षम होगी। कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा कई अन्य विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।


